| जे न देखे रवी... |
तसा प्रत्येक दिवशी मून येतो |
केशवसुमार |
| जे न देखे रवी... |
कावळे ... |
विश्वेश |
| जे न देखे रवी... |
जो तो येतो मारून जातो |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
मी बत्तासा गोल गोल |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
ताळेबंद |
सुचेता |
| जे न देखे रवी... |
इतकेच मला भरताना... |
केशवसुमार |
| जे न देखे रवी... |
आशीर्वाद..? |
चन्द्रशेखर गोखले |
| जे न देखे रवी... |
अरेरे तुझे काय झाले हे जोश्या |
आदिजोशी |
| जे न देखे रवी... |
कल्लोळ |
अज्ञातकुल |
| जे न देखे रवी... |
निओ-अद्वैती पसायदान |
मूकवाचक |
| जे न देखे रवी... |
अर्धसत्य.. |
विसोबा खेचर |
| जे न देखे रवी... |
प्रयत्न |
निशान्त |
| जे न देखे रवी... |
मी बोर्ड बोलतोय... |
अत्रुप्त आत्मा |
| जे न देखे रवी... |
माझ्या शब्दांनी एवढे स्वस्त व्हायला नको होते! |
आर्या१२३ |
| जे न देखे रवी... |
नियतीचा क्रूर खेळ |
स्वर भायदे |
| जे न देखे रवी... |
संपत्या सुटीचे पूर्वरंग |
बहुगुणी |
| जे न देखे रवी... |
रंग कवितेचे - |
विदेश |
| जे न देखे रवी... |
अताशा मला हे असे काय होते |
अरुण मनोहर |
| जे न देखे रवी... |
लई दिसांची मी खाल्ली नाही शिरापुरी |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
दोन छोटे |
अरुण मनोहर |
| जे न देखे रवी... |
भेळ |
अत्रुप्त आत्मा |
| जे न देखे रवी... |
डाल ग कोंबडी डाल |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
नि:संशय |
अज्ञातकुल |
| जे न देखे रवी... |
दृष्टीआड |
अज्ञातकुल |
| जे न देखे रवी... |
नखरा नाही इतका बरा |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
"आदर्श " सुंदर हाच आमचा बंगला |
विदेश |
| जे न देखे रवी... |
आयुष्य पार सरलेले |
स्वानंद मारुलकर |
| जे न देखे रवी... |
हे 'असं' कसं? |
वेणू |
| जे न देखे रवी... |
मंत्रमुग्ध तळे |
अरुण मनोहर |
| जे न देखे रवी... |
वेडेपणा... (गझल) |
स्वानंद मारुलकर |