झटपट स्तोत्ररचना - पहिला धडा (मोफत)
नमाम्यहं सरस्वतीम्
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सुशुक्लवस्त्रधारिणीम् सुमन्दहासहासिनीम् ।
सुतन्तुवाद्यवादिनीम् नमाम्यहं सरस्वतीम् ॥ १ ॥
उमेशसन्निधाम् उमाम् रमेशसन्निधाम् रमाम् ।
हिरण्यगर्भयोषिताम् नमामि बुद्धिदेवताम् ॥ २ ॥
अगाधवाहिनीम् नदीम् प्रबोधतोयदायिनीम् ।
मनःसरोजवर्धिनीम् नमामि वेदवादिनीम् ॥ ३ ॥
मुनीन्द्रदेववन्दिते सुबुद्धिदे विशारदे |
जडत्वमूढसेवकं हि पाहि देवि शारदे ॥ ४ ॥
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या अखंड स्फूर्ती देणार्या विद्यादेवीवर हे इतके स्फूर्तिशून्य गीत कसे रचले त्याचे विच्छेदन सांगतो.
झटपट स्तोत्ररचना - पहिला धडा (मोफत)
चला मुलांनो, आप
मिसळपाव