| काव्य |
बघ |
नाहिद नालबंद |
| काव्य |
सणासुदीची सफाई |
माहितगार |
| काव्य |
दहा अंगुळे उरला |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
समुद्रच आहे एक विशाल जाळं |
पारुबाई |
| काव्य |
सागर तळाशी |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
चमकणारे आभास निळे |
निनाद |
| काव्य |
कल्पका: |
युयुत्सु |
| काव्य |
कवितेच्या गणिताची कविता + - x ÷ |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
(π)वाट |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
उंदीर |
युयुत्सु |
| काव्य |
स्ट्रिंग थिअरीचा पाया |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
काही अप ( लोड ) काही डाऊन ( लोड ) |
चित्रगुप्त |
| काव्य |
कृतांतकटकामलध्वज जरा जरी पातली...(#) |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
पाउली पैंजणांचा मला भार आहे |
गणेशा |
| काव्य |
बखरीच्या पानाआड |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
सहा कोवळे पाय |
चांदणे संदीप |
| काव्य |
नक्षत्रांचे देणे होते |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
गुरूंना वंदना |
लाल गेंडा |
| काव्य |
आषाढी एकादश |
बाजीगर |
| काव्य |
पार |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
पाच सागर |
लाल गेंडा |
| काव्य |
फाया |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
यंदाचा पाऊस . |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
चक्र |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
जरासे दोन घोट घेऊन लिहावे .. .. |
माहितगार |
| काव्य |
चा-वट पॉर्निमा! |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
न्यायाधीश 'कॅश'वंत वर्मा... |
बाजीगर |
| काव्य |
त्रिमितीच्या तुरुंगात |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
ओलसर क्षण... |
निशांत_खाडे |
| काव्य |
गवळण |
रामदास |