| काव्य |
(मातीचे पाय - मोकलाया वर्जन) |
गड्डा झब्बू |
| काव्य |
तुझे चालणे दरवळून जाते....... |
किरण कुमार |
| काव्य |
निवडुंगांची सद्दी ... |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
कृष्णेला पडला प्रश्न? |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
समाज |
कुमार जावडेकर |
| काव्य |
सांगू सखे तू काय हो |
akshardas |
| काव्य |
सूर्याचं विश्व |
akshardas |
| काव्य |
वाटले होते |
नाहिद नालबंद |
| काव्य |
पुणे म्हणजे प्रेम असतं |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
मी आणि तू (प्रणय कविता) |
OBAMA80 |
| काव्य |
स्वर आले दुरूनी...विडंबन (सर आले दुरूनी) |
OBAMA80 |
| काव्य |
शूर आम्ही सरदार आम्हाला (विडंबन) |
OBAMA80 |
| काव्य |
पासंग |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
पेय निघून गेले (विडंबन) |
कांदा लिंबू |
| काव्य |
चार चारोळ्या |
माहितगार |
| काव्य |
जाग |
अनुस्वार |
| काव्य |
ये निद्रे ये !.. |
जयंत कुलकर्णी |
| काव्य |
इतकेच मला जाताना - विडंबन काव्य |
साहना |
| काव्य |
मेहफिलीत सुरांच्या, सूर चोरिले मी |
खिलजि |
| काव्य |
रात दाटली दाटली |
Deepak Pawar |
| काव्य |
केशर |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
जुने धुमारे .... |
खिलजि |
| काव्य |
मोजमाप |
खिलजि |
| काव्य |
धुक्यात चालताना… |
खिलजि |
| काव्य |
माझे नाव कुठे कुठे अन् कसे माळले नक्की? |
आगाऊ म्हादया |
| काव्य |
देवशयनीच्या रात्री |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
धाव घेई विठ्ठला |
हेमंत मुळे |
| काव्य |
पापा हिन्दि कविता |
तृप्ति २३ |
| काव्य |
सैल धागे |
गणेशा |
| काव्य |
सरावासही उसंत नाही |
खिलजि |