| काव्य |
माझे घर |
जागु |
| काव्य |
शीघ्र कविच्या तीन कविता |
प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे |
| काव्य |
मैफल |
क्रान्ति |
| काव्य |
आणखी काही मुक्तके |
चन्द्रशेखर गोखले |
| काव्य |
(शीघ्र कवीच्या तीन वेता!) |
चतुरंग |
| काव्य |
ग्लोबल वॉर्मिंग (देवद्वार छंद) |
संदीप चित्रे |
| काव्य |
तू |
जयवी |
| काव्य |
उदास मन |
जागु |
| काव्य |
ईंटर नेट्या |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
किमया |
क्रान्ति |
| काव्य |
काव्य झुरळे- एक मंथन |
मूखदूर्बळ |
| काव्य |
(कहर) |
परिकथेतील राजकुमार |
| काव्य |
बहर |
क्रान्ति |
| काव्य |
<काय काय वाटतयं> |
दशानन |
| काव्य |
<आजच्या जेवणात> |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| काव्य |
आताशा जीवनात |
चैत्राली |
| काव्य |
तीन चारोळ्या |
दत्ता काळे |
| काव्य |
(मारझोड) |
आंबोळी |
| काव्य |
महाश्वेता |
जृंभणश्वान |
| काव्य |
(सांगावा) |
आंबोळी |
| काव्य |
जोगवा |
क्रान्ति |
| काव्य |
आभार मिपा व मिपाकरांचे |
मराठमोळा |
| काव्य |
घोरपड |
शरदिनी |
| काव्य |
सप्तरंगी दुनिया |
माकड्तोन्ड्या |
| काव्य |
सप्तरंगी दुनिया |
राजा |
| काव्य |
<काल> |
दशानन |
| काव्य |
वर्षाव अमृताचा.. |
प्राजु |
| काव्य |
(आज) |
चतुरंग |
| काव्य |
आज |
क्रान्ति |
| काव्य |
समुद्रकिनारा |
मराठमोळा |