| काव्य |
महागाई.. महागाई .. |
विदेश |
| काव्य |
..उरला पलाश आता |
राघव |
| काव्य |
सुट्टी संपली - |
विदेश |
| काव्य |
चपराक |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| काव्य |
आरास रास |
अज्ञातकुल |
| काव्य |
अर्पणपत्रिका |
राजघराणं |
| काव्य |
कविता |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| काव्य |
(सौंदर्याचे प्रौक्षण करुनि) |
मेघवेडा |
| काव्य |
नातं |
दत्ता काळे |
| काव्य |
दूर गाव माझा |
भास्कर केन्डे |
| काव्य |
पहाटे पहाटे फिरायला ...!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
मन.... |
लीलाधर |
| काव्य |
बागेमधला फेरफटका - |
विदेश |
| काव्य |
ते शिंकले तरीही.....! |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
आली आली दीवाळी आली................ |
लीलाधर |
| काव्य |
महत्त्वाकांक्षेचे रॉकेट .. |
निमिष सोनार |
| काव्य |
तयार करा हिरवं पान |
पाषाणभेद |
| काव्य |
मांगल्याचे औक्षण करूनी.. |
प्राजु |
| काव्य |
तुझ्यविना आज.....!!! |
फिझा |
| काव्य |
प्रवास ..... |
फिझा |
| काव्य |
गोष्ट |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| काव्य |
चला कॅरावके शिकुया...! |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
शप्पत तो देखील भिजला होता....!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
अगदी नेहमीसारखेच….. |
फिझा |
| काव्य |
चला छतावर |
पाषाणभेद |
| काव्य |
दोन बडबडगीते |
पाषाणभेद |
| काव्य |
अ आ आई |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
आली आली हो दिवाळी- |
विदेश |
| काव्य |
अंगणात एकदा हत्ती आला |
पाषाणभेद |
| काव्य |
पोरका |
युयुत्सु |