| काव्य |
बाला |
चांदणे संदीप |
| काव्य |
तिथली दिवाळी..... |
शिव कन्या |
| काव्य |
हमारी... अधुरी...... नव्वदोत्तरी.............................. |
मारवा |
| काव्य |
जेव्हा जेव्हा कांदा कापला जातो |
जव्हेरगंज |
| काव्य |
मागे उभा मंगेश .... |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
हॅ.दि....का मतलब हॅप्प्पी दिवाली |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
मनाच्या आकाशवाणी केंद्रावरून ! |
शिव कन्या |
| काव्य |
ती येणार म्हणून ...... |
दत्ताभाऊ गोंदीकर |
| काव्य |
अस्तनीतले पत्रनिखारे |
मंदार दिलीप जोशी |
| काव्य |
नवकविता - ट्रॅफिक जॅम |
वेल्लाभट |
| काव्य |
असे कधी घडत नसते! |
डॉ. एस. पी. दोरुगडे |
| काव्य |
चारोळी |
डॉ. एस. पी. दोरुगडे |
| काव्य |
एक साधी सरळ प्रेम कहाणी |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
एक माणूस बनेल काढून.................. |
पगला गजोधर |
| काव्य |
भय इथले संपत नाही..... |
डॉ. एस. पी. दोरुगडे |
| काव्य |
कवितेवर केलेली कविता (विडंबन) |
दमामि |
| काव्य |
केस विस्कटलेले, ओघळले काजळ गाली |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
शब्द गोठून गेले अर्थाविन ............ |
एकप्रवासी |
| काव्य |
अरसिक? |
डॉ. एस. पी. दोरुगडे |
| काव्य |
कार्यकर्ता |
आनंद कांबीकर |
| काव्य |
कवितेवर केलेली कविता |
निलम बुचडे |
| काव्य |
माझ्या मराठीचा बोल |
वेल्लाभट |
| काव्य |
तुझ्याशिवाय... |
निलम बुचडे |
| काव्य |
तिची कविता |
निलम बुचडे |
| काव्य |
काल दुपारी.... |
जव्हेरगंज |
| काव्य |
हाक |
मंदार दिलीप जोशी |
| काव्य |
होळी आणि गटारी (विडंबन) |
दमामि |
| काव्य |
कौतुक |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
करवाचौथ आणी संकष्टी चतुर्थी |
महासंग्राम |
| काव्य |
लाजाळू नि गुलाब |
चांदणे संदीप |