| काव्य |
नका घेऊ गळफास |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
।।गंगास्मरण।। ( अर्थात राम तेरी गंगा मैली) |
दमामि |
| काव्य |
प्रीत धुंदी |
ज्योति अळवणी |
| काव्य |
एक गोष्ट........ |
एक एकटा एकटाच |
| काव्य |
विखुरलेलं चांदणं |
रातराणी |
| काव्य |
एक होती रातराणी |
रातराणी |
| काव्य |
नेता |
विवेकपटाईत |
| काव्य |
तुकारामा- |
शशीभूषण_देशपाण्डे |
| काव्य |
|| सांगा आता आम्ही काय करायचं? || |
नितिन५८८ |
| काव्य |
पापड कर वा पोळ्या लाट (विडंबन) |
दमामि |
| काव्य |
..पापड कर वा पोळ्या लाट.. |
कानडाऊ योगेशु |
| काव्य |
चुलीमध्ये घाल |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
अंबाडा |
चांदणे संदीप |
| काव्य |
बैसलो होतो पानटपरीवर |
भैड्या |
| काव्य |
कुछ अनमोल लोगो से रिश्ता रखता हूँ… |
बहुगुणी |
| काव्य |
हि दिल्ली हाय एक जतरा ... |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
तुला मी आठवतो का गं? |
एक एकटा एकटाच |
| काव्य |
..... तो कृष्ण 'एकटा' होता ! |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
< नैराश्याकडे फाऊले> |
जव्हेरगंज |
| काव्य |
हे काय कमी काय? |
शिव कन्या |
| काव्य |
बाय |
जव्हेरगंज |
| काव्य |
वैराग्याकडे पाउले |
शेखरमोघे |
| काव्य |
विक्री गीत |
भिंगरी |
| काव्य |
आयटीची गोष्ट |
यमन |
| काव्य |
आवर्त |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
रंगल्या रात्री अश्या |
भैड्या |
| काव्य |
चला अंताक्षरी खेळूया.... |
माम्लेदारचा पन्खा |
| काव्य |
लखलाभ! |
रातराणी |
| काव्य |
(तुझे पाशवी बोलणे ते अवेळी) |
चतुरंग |
| काव्य |
तू इथे असतीस तर....! |
चांदणे संदीप |