| जे न देखे रवी... |
प्रजासत्ताक ... |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
प्रजासत्ताक ... |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
प्रजासत्ताक ... |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
तू |
चुकार |
| जे न देखे रवी... |
(खमकेच टगे बसतात इथे) |
दमामि |
| जे न देखे रवी... |
नवखेच सखे फसतात इथे |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
मनाचं प्लॉटिंग |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
(जरही) या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| जे न देखे रवी... |
शब्दविता |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
(तरही) या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला! |
सत्यजित... |
| जे न देखे रवी... |
या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला.. वेगळे सुचलेले-- |
राघव |
| जे न देखे रवी... |
(भिती तुझ्याउरी पण) |
नाखु |
| जे न देखे रवी... |
तरही गज़ल : या दिशेला एकदाही यायचे नव्हते मला |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
प्रश्न साधासाच होता... |
प्राची अश्विनी |
| जे न देखे रवी... |
अभिजात(चारोळी) |
पराग देशमुख |
| जे न देखे रवी... |
तो,ती आणि अबोल प्रेम |
mr.pandit |
| जे न देखे रवी... |
प्रीती तुझ्यावरी पण... |
अत्रुप्त आत्मा |
| जे न देखे रवी... |
तुझ्या नाजूक ओठांनी... |
सत्यजित... |
| जे न देखे रवी... |
उरणार ना उद्या ते, जे सत्य काल होते |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
प्रदूषण क्षणिका (३) - वारे - पूर्वी आणि आता |
विवेकपटाईत |
| जे न देखे रवी... |
अंधार काठ |
चांदणशेला |
| जे न देखे रवी... |
प्रदूषण कविता(2)- जिन्न आणि अल्लादीन |
विवेकपटाईत |
| जे न देखे रवी... |
प्रदूषण- पाऊस (१) - भूत आणि वर्तमान |
विवेकपटाईत |
| जे न देखे रवी... |
इतिहासाचं वर्तमान |
अनन्त्_यात्री |
| जे न देखे रवी... |
प्रवास |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
अ क्लोथलाईन. |
प्राची अश्विनी |
| जे न देखे रवी... |
(खुरपणी) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| जे न देखे रवी... |
लावणी |
वैभवदातार |
| जे न देखे रवी... |
प्रिय वेगवान गोलंदाजास - |
जे.पी.मॉर्गन |
| जे न देखे रवी... |
गडद |
समयांत |