प्लॅन्चेट
कुछ निवेदन :
यह कविता हिंदोस्ताँ के हर उस शख्स को मैं समर्पित करता हूं जिसके दिलमें इस देश के लिए बेतहाशा इज्जत है , की यह देश दुनिया का एक ही देश है , जिसने इस देशपर आक्रमण करनेवाले हर देश के नागरीक को यहाँ पनाह दी है !
यह कविता मैं हिंदोस्ताँ के मशहूर वैज्ञानिक श्री.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम और भूतपूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को समर्पित करता हूं !
और्.....यह कविता हर उस शख्स को समर्पित है जिस की रूह में अब तक शहीदों की कुर्बानी जिंदा है !
मिसळपाव