| काव्य |
अक्षय पात्र |
ajay wankhede |
| काव्य |
प्रेम करायचे राहून गेले... |
बन्या बापु |
| काव्य |
का केली मैत्री ही अशी...? |
हर्षद प्रभुदेसाई |
| काव्य |
आज ही गेले |
निनाव |
| काव्य |
वाच वाचुनी अति मी दमले - |
विदेश |
| काव्य |
संकल्प सिद्धी |
बाळासाहेब तानवडे |
| काव्य |
संजीवनी |
मृत्युन्जय |
| काव्य |
तुझ्या सावलीस लपता लपता |
निनाव |
| काव्य |
तुझ्या सावलीस लपता लपता |
निनाव |
| काव्य |
आसमंतात तारे सर्व निळेच , नाहि का? |
निनाव |
| काव्य |
रस्त्यानं रेतीवाला तो आला |
पाषाणभेद |
| काव्य |
पिंक जिव्हारी गर्दुल्ल्याचे नकादु चेण्यापका सके |
शरदिनी |
| काव्य |
<पेयनिष्ठ पेताडाचा कर्मदरिद्री बाटलीभंग> |
लंबूटांग |
| काव्य |
व्हायब्रेटर रिंगटोन पाठवाना |
पाषाणभेद |
| काव्य |
जा हसत दूर जा |
गणेशा |
| काव्य |
एक त्रागा सुनेचा |
विदेश |
| काव्य |
मोज्-माप किती... |
निनाव |
| काव्य |
(एका तळ्यात होती) |
मूकवाचक |
| काव्य |
नववर्षाचा सण हा पहिला आनंदाने साजरा करू |
पाषाणभेद |
| काव्य |
आश्वस्त |
सोनल कर्णिक वायकुळ |
| काव्य |
( पेटवी लंका हनुमंत ) |
अर्धवट |
| काव्य |
दाणे पडले टप टप टप |
विदेश |
| काव्य |
पाखरे निघालीत देशांतराला ...!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
काफिला ... |
sagarparadkar |
| काव्य |
विझले आज दिवे सारे |
निनाव |
| काव्य |
शोध माझा |
निनाव |
| काव्य |
गझल |
क्रान्ति |
| काव्य |
भिऊ नकोस ... |
नगरीनिरंजन |
| काव्य |
बेदखल |
सोनल कर्णिक वायकुळ |
| काव्य |
भिऊ नकोस ... |
विश्वेश |