| काव्य |
नसबंदी |
राजेश घासकडवी |
| काव्य |
थेंबे-थेंबे |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
तुझे भास होते |
क्रान्ति |
| काव्य |
नंदीकाळा-मुळ काव्य>(जग हे बंन्दीशाळा) |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
अनोळखी...(गझल) |
स्वानंद मारुलकर |
| काव्य |
मैफील आज जमली - |
विदेश |
| काव्य |
क्रोमियम प्लेटेड ढग |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
त्यांना त्यांच्या मुलाला सचिन तेंडुलकरच करायचय |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
क्षितीजावर ढळला आणि एक सुर्य |
पाषाणभेद |
| काव्य |
नेमेंचि त्यानंतर पावसाळा |
धनंजय |
| काव्य |
दूर नाही घरदार , आम्हाला नाही कुणाची भीती ! |
विदेश |
| काव्य |
Two Friends |
पाषाणभेद |
| काव्य |
नाट्यगीत: अशी कशी ही पिढी नेटावली |
पाषाणभेद |
| काव्य |
लोकल शोध- |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
पु.ल. आणि अत्रे-एक दर्पण |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
प्रेम आणि मरण |
ajay wankhede |
| काव्य |
संदर्भ |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| काव्य |
ब्रॉयलर कोंबडी सारखे हे शहर ....!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
नव्या साडीसाठी - दोघांची भ्रमंती |
विदेश |
| काव्य |
माणसान्चा देव |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
(बिल्ली हरवली) |
पिवळा डांबिस |
| काव्य |
जर तू असता तर |
नगरीनिरंजन |
| काव्य |
सूर्यास्त |
सोनल कर्णिक वायकुळ |
| काव्य |
वाडा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
तुझी आठवण येते.... |
हर्षद प्रभुदेसाई |
| काव्य |
एक संध्याकाळ अशी.... |
हर्षद प्रभुदेसाई |
| काव्य |
खेळ काळाचा.... |
हर्षद प्रभुदेसाई |
| काव्य |
किल्ली हरविली |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
सुख |
सोनल कर्णिक वायकुळ |
| काव्य |
चोरून चोरून, हो ना? |
उदय के'सागर |