| काव्य |
प्रेरणा (शिर्षक बदल). |
निनाव |
| काव्य |
शेतकरी गीत: शेतात आंतरपीक आपण करू |
पाषाणभेद |
| काव्य |
काय वाटल असेल माझ्या जीवाला........... |
शिल्पा कांबळे |
| काव्य |
कठीण आहे कधी कधी |
निनाव |
| काव्य |
समुद्र भरल्या डोळ्यांनी |
तीन फुल्या तीन बदाम |
| काव्य |
गारूड्याचा नागूबा मस्ती करतोय रं |
पाषाणभेद |
| काव्य |
कविता माझी |
निनाव |
| काव्य |
फोडली तिजोरी - लुटला सर्व ठेवा - |
विदेश |
| काव्य |
दूर वाट अशी ही छळणारी |
निनाव |
| काव्य |
पाऊस माझा |
नगरीनिरंजन |
| काव्य |
आकुंचन |
निनाव |
| काव्य |
कृष्ण |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| काव्य |
धंद्याची स्वप्ने बघणारा ..!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
मिठीतली रात्र |
निनाव |
| काव्य |
एकलाच (ओवी-गीत-गझल-कविता) |
गणेशा |
| काव्य |
.... प्रेम कर!! |
प्राजु |
| काव्य |
दूर दूर जातानां |
निनाव |
| काव्य |
पुनर्जन्म |
ajay wankhede |
| काव्य |
(एका अपरिमेयाचे मुक्तसुनीत) |
चतुरंग |
| काव्य |
एका अपरिमेयाचं मुक्तसुनीत |
राजेश घासकडवी |
| काव्य |
बहकलेले दिवस |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| काव्य |
पुन्हा नव्याने... |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| काव्य |
चांदण्यांस मिठी मारतांना |
निनाव |
| काव्य |
सरसरणारे यौवन तुझे ते |
निनाव |
| काव्य |
न्याय तुमचा खास आहे |
डॉ अशोक कुलकर्णी |
| काव्य |
नारो शंकराची घंटा ...!! |
प्रकाश१११ |
| काव्य |
काजव्यांचा जणू सूर्यास शाप आहे |
गणेशा |
| काव्य |
वावर |
पेशवा |
| काव्य |
(का केली दाढी ही अशी...?) |
पक्का इडियट |
| काव्य |
समाजाच प्रतिबिंब |
स्वर भायदे |