| काथ्याकूट |
अभिनंदन : कृष्णा पाटील |
संदीप चित्रे |
| जनातलं, मनातलं |
राष्ट्रवादी कॉंग्रेसच्या अस्ताची सुरवात? |
भोचक |
| जनातलं, मनातलं |
ऒळखीचे भेळवाले |
सुबक ठेंगणी |
| जे न देखे रवी... |
नयनी तुझ्या |
ऋषिकेश |
| जनातलं, मनातलं |
उंदीरनामा |
सुबक ठेंगणी |
| काथ्याकूट |
हा माझा मिसल पाव वर चा प्रवेश |
अभिशेक अधौ |
| जे न देखे रवी... |
जमा खर्च |
विशाल कुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
खेळ मनाचा |
जयवी |
| जे न देखे रवी... |
यावा अशात साजण |
जयवी |
| जे न देखे रवी... |
असा फिरे |
क्रान्ति |
| जे न देखे रवी... |
खेड्यातला आणि शहरी मुलगा |
पाषाणभेद |
| काथ्याकूट |
लोक कम्युनिस्टांवर इतके चिडतात तरी का? |
वेताळ |
| जे न देखे रवी... |
(Bore-kuting हा माझा छंद आहे) |
मराठमोळा |
| काथ्याकूट |
मनसेमुळे सेना - भाजपा युती मुंबईत साफ झोपली |
घाशीराम कोतवाल १.२ |
| जनातलं, मनातलं |
पराच्या राज्याची भेट |
क्रान्ति |
| जे न देखे रवी... |
नजरा!! |
प्राजु |
| जे न देखे रवी... |
जवाबः शहरातला आणि खेड्यातला मुलगा |
३_१४ विक्षिप्त अदिती |
| जे न देखे रवी... |
(जुलाब) |
पाषाणभेद |
| जनातलं, मनातलं |
३५२ वर्षांची तळमळ..... |
उदय सप्रे |
| जनातलं, मनातलं |
आपण सारे कोट्याधीश!..... नाही होणार! |
आनंद घारे |
| जे न देखे रवी... |
orkuting हा माझा छ॑द आहे |
स्वप्निल मन |
| जनातलं, मनातलं |
सुट्टी |
विनायक प्रभू |
| कलादालन |
दोन दिग्गज |
बहुगुणी |
| जे न देखे रवी... |
(झांज वाजवली) |
कपिल काळे |
| जनातलं, मनातलं |
`गाडी` घसरली, सावरली... |
आपला अभिजित |
| जे न देखे रवी... |
क्षितिज |
स्वप्नयोगी |
| काथ्याकूट |
भारतीय रेल्वे आणि लालु यादव. |
मुशाफिर |
| जे न देखे रवी... |
गजरा..... |
उदय सप्रे |
| जे न देखे रवी... |
वेगळाच आहे पाऊस आज |
ओंकार देशमुख |
| जनातलं, मनातलं |
कैफियत .... |
बट्ट्याबोळ |