| जे न देखे रवी... |
भेट घ्यायची ओढ लागली |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
कळले नाही .... |
विश्वेश |
| काथ्याकूट |
तरी का ? |
उगा काहितरीच |
| कलादालन |
निमंत्रण - इंक्रेडीबल फोर्टस ऑफ इंडिया ! |
मालोजीराव |
| जे न देखे रवी... |
पाऊस माझा |
नगरीनिरंजन |
| जे न देखे रवी... |
सावकारी ही अशी की... |
बन्या बापु |
| जनातलं, मनातलं |
सरुटॉबाने कट्टा - एक सुरुवात |
५० फक्त |
| जनातलं, मनातलं |
कोण होतास तू... कोण होतीस तू |
नीलांबरी |
| कलादालन |
कोल्हापुर वारी... |
किसन शिंदे |
| जनातलं, मनातलं |
पुणेरी मिसळची 'सेंच्युरी' |
चिंतामणी |
| जनातलं, मनातलं |
एक सहस्त्रचंद्रदर्शन सोहळा! |
स्वाती दिनेश |
| जे न देखे रवी... |
.... प्रेम कर!! |
प्राजु |
| जे न देखे रवी... |
शेतकरी गीत: शेतात आंतरपीक आपण करू |
पाषाणभेद |
| जनातलं, मनातलं |
सरुटॉबानेच्या कट्ट्याचे फायनल डिटेल |
५० फक्त |
| जे न देखे रवी... |
जिंदगी क्या राज ही ? |
बन्या बापु |
| कलादालन |
"पिन्जरा" - ५ राज्य नाट्य स्पर्धा बक्षीसे मिळालेले मराठी नाटक, २८ एप्रील, भरत नाट्य मन्दिर, सदाशिव पेठ, पुणे |
चिची |
| जे न देखे रवी... |
एकलाच (ओवी-गीत-गझल-कविता) |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
काय वाटल असेल माझ्या जीवाला........... |
शिल्पा कांबळे |
| जनातलं, मनातलं |
वासांसि जीर्णानि यथा विहाय |
अवलिया |
| जे न देखे रवी... |
(एका अपरिमेयाचे मुक्तसुनीत) |
चतुरंग |
| जनातलं, मनातलं |
श्रीराम दूतं शरणं प्रपद्ये |
प्यारे१ |
| जे न देखे रवी... |
गारूड्याचा नागूबा मस्ती करतोय रं |
पाषाणभेद |
| कलादालन |
3D |
स्पा |
| जे न देखे रवी... |
दूर वाट अशी ही छळणारी |
निनाव |
| जे न देखे रवी... |
कविता माझी |
निनाव |
| जे न देखे रवी... |
समुद्र भरल्या डोळ्यांनी |
तीन फुल्या तीन बदाम |
| जे न देखे रवी... |
कठीण आहे कधी कधी |
निनाव |
| जनातलं, मनातलं |
गाडी रूळावरून सांधे बदलून जाते तेंव्हा.. |
बहुगुणी |
| जनातलं, मनातलं |
टारोबाचे डब्बल अभिनंदन !!! |
पक्का इडियट |
| जनातलं, मनातलं |
कळत नाही... |
अज्ञात (verified= न पडताळणी केलेला) |