| जे न देखे रवी... |
अर्धसत्य |
अज्ञातकुल |
| जे न देखे रवी... |
मलाही तुझ्या सारखंच वागायचंय !!! |
फिझा |
| जे न देखे रवी... |
विश्वासघात करतो माणूस ना मुळी तो ! |
विदेश |
| जे न देखे रवी... |
प्रेम कळत नाहि मला.... |
निश |
| जे न देखे रवी... |
कां वागतो माणूस असा? |
मिसळलेला काव्यप्रेमी |
| जे न देखे रवी... |
ती ..... |
फिझा |
| जे न देखे रवी... |
सर आले दुरुनी |
विदेश |
| जे न देखे रवी... |
पांडूरंग माझा गरीब राहू द्या |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
आयुष्य म्हंजे |
निश |
| जे न देखे रवी... |
आयुष्य म्ह |
निश |
| जे न देखे रवी... |
आकाशलक्षी |
अज्ञातकुल |
| जे न देखे रवी... |
लष्करी हुकूम अर्थात आर्मी कमांड्स |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
नको रे दिवा |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
हृदय तोड दे - दगा जर दिला - कारावके |
गंगाधर मुटे |
| जे न देखे रवी... |
थांब जरासा.. |
राघव |
| जे न देखे रवी... |
(ती येते आणिक जाते ) |
अरुण मनोहर |
| जे न देखे रवी... |
म्हाळसादेवी म्हाळसाकोर्याची |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
तोल हा मनाचा तू जरा सावर रे. |
santosh waghmare |
| जे न देखे रवी... |
कोंबडी म्हणाली कोंबड्याला |
विदेश |
| जे न देखे रवी... |
बासूंदी गोड गोड |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
(प्रेमी)युगुलगीत: तुझी माझी प्रित जमली |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
उद्याची बात का करु मी |
santosh waghmare |
| जे न देखे रवी... |
ती येते आणिक जाते |
अरुण मनोहर |
| जे न देखे रवी... |
रोज मरतो |
निश |
| जे न देखे रवी... |
मी हा गेम पूर्ण खेळणार.. |
ajay wankhede |
| जे न देखे रवी... |
काय करावे या किड्याला ? |
अत्रुप्त आत्मा |
| जे न देखे रवी... |
मागे वळुन बघायच नाही |
निश |
| जे न देखे रवी... |
आठवतोस तू .....!! |
फिझा |
| जे न देखे रवी... |
एकी १ |
लीलाधर |
| जे न देखे रवी... |
दत्त दत्त बोलत गेलो |
पाषाणभेद |