कविता
| साहित्य प्रकार | शीर्षक | लेखक | शेवटचे अद्यतन | प्रतिक्रिया | नवीन प्रतिक्रिया |
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| कविता | किंचित अस्वस्थ वाटते आहे ! | संदीप-लेले | 7 years 2 months ago | 1 | |
| कविता | (तनुने नानास मी टू म्हणणे ) | ज्ञानोबाचे पैजार | 7 years 2 months ago | 18 | |
| कविता | जनुक जिन्याची सर्पिल वळणे | अनन्त्_यात्री | 7 years 2 months ago | 14 | |
| कविता | ठसा तुज आठवांचा...! | मनस्वी मानस | 7 years 2 months ago | 0 | |
| कविता | वेदना जहरी | चांदणशेला | 7 years 2 months ago | 0 | |
| कविता | कुंकवाच्या धन्यानं अशी रात जागवली | अविनाशकुलकर्णी | 7 years 2 months ago | 8 | |
| कविता | वृक्षवल्ली आम्हा सोयरी | नायकुडे महेश | 7 years 2 months ago | 0 | |
| कविता | तू काळजाला भिडावे | परशुराम सोंडगे | 7 years 2 months ago | 0 | |
| कविता | तू काळजाला भिडावे | परशुराम सोंडगे | 7 years 2 months ago | 0 | |
| कविता | मोबाईलची शेजआरती | पाषाणभेद | 7 years 3 months ago | 0 | |
| कविता | अनन्तयात्री | अनन्त्_यात्री | 7 years 3 months ago | 6 | |
| कविता | भुकेच्या ज्वाळा | चांदणशेला | 7 years 3 months ago | 0 | |
| कविता | लोकशाहीला नाही वर्ज्य | चांदणे संदीप | 7 years 3 months ago | 0 | |
| कविता | बापाचे मुलीस पत्र.. | प्रियाभि.. | 7 years 3 months ago | 7 | |
| कविता | कॉलेज | अमरेंद्र बाहुबली | 7 years 3 months ago | 2 | |
| कविता | झरे | हणमंतअण्णा शंकराप्पा रावळगुंडवाडीकर | 7 years 3 months ago | 0 | |
| कविता | तव नयनांचे दल | हणमंतअण्णा शंकराप्पा रावळगुंडवाडीकर | 7 years 3 months ago | 1 | |
| कविता | उत्तररात्र | हणमंतअण्णा शंकराप्पा रावळगुंडवाडीकर | 7 years 3 months ago | 2 | |
| कविता | कधी असतेस, कधी नसतेस.... | नायकुडे महेश | 7 years 3 months ago | 1 | |
| कविता | वाट त्याची पाहाता.... | ज्योति अळवणी | 7 years 3 months ago | 0 | |
| कविता | 'विडंबित' अंगाई गीत | वेल्लाभट | 7 years 3 months ago | 2 | |
| कविता | नाना करा व्हाटस ॲप गृप | पाषाणभेद | 7 years 3 months ago | 0 | |
| कविता | डायरी | प्रतिक कुलकर्णी | 7 years 3 months ago | 0 | |
| कविता | डायरी | प्रतिक कुलकर्णी | 7 years 3 months ago | 0 | |
| कविता | उदासी | शब्दबम्बाळ | 7 years 3 months ago | 0 |