| काव्य |
एक रानगोष्ट |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
राजकारणी अन आपण.......... बरोबर ना ?? |
अमितसांगली |
| काव्य |
देह आत्म्याचे मंदीर |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
दीप |
समयांत |
| काव्य |
भस्म्या !! |
स्पंदना |
| काव्य |
आजूनहि मी |
श्रीमत |
| काव्य |
कविता |
सु.द.मोरे |
| काव्य |
मुद्राराक्षस किंवा एका अंगुलीयकाने. |
बॅटमॅन |
| काव्य |
जगत रहायच,जगत रहायच |
कौस्तुभ आपटे |
| काव्य |
कविता |
सु.द.मोरे |
| काव्य |
मुसळधार पाऊस आणि मि एक एकटा |
श्रीमत |
| काव्य |
भूक |
अरुण मनोहर |
| काव्य |
किती सुखाचे असेल |
क्रान्ति |
| काव्य |
कस्सा राव थांबू... |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
आता तरी देवा, |
अनिल तापकीर |
| काव्य |
गाव... |
बिपिन कार्यकर्ते |
| काव्य |
प्रिय सचिन देवा..................... |
मंदार कात्रे |
| काव्य |
<<< सांभाळ गो बाय, उत्साहित कळ्यांना >>> |
सुहास.. |
| काव्य |
माझं हे सारं सामान गं सखू... |
धन्या |
| काव्य |
लेले.. |
गवि |
| काव्य |
गाल चोळ फक्त |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
पांडुरंग पांडुरंग |
कौस्तुभ आपटे |
| काव्य |
मेटामॉर्फिसीस |
स्पंदना |
| काव्य |
संदेहमुक्ती |
मूकवाचक |
| काव्य |
वाळलेले दोन गजरे.. |
सांजसंध्या |
| काव्य |
सांभाळ का म्हणावे, गालातल्या खळ्यांना |
सांजसंध्या |
| काव्य |
नाव सुचत नाही. |
स्पंदना |
| काव्य |
(मृगजळ) रेव पार्टीचे गाणे |
अडगळ |
| काव्य |
हाच आपला ढंगु आहे... |
घाटावरचे भट |
| काव्य |
पाऊस |
उमेश कोठीकर |