| काव्य |
लाख म्हणू देत जगाला, ही संगत अटळ आहे |
श्रीकृष्ण सामंत |
| काव्य |
मिराशी |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
अदृष्ट |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
कॉफी __२ |
प्राची अश्विनी |
| काव्य |
चला . . कविता लिहू |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
गुढी पाडवा |
बाजीगर |
| काव्य |
असणे आणि दिसणे... |
बाजीगर |
| काव्य |
डीलर झाले लिडर.. |
बाजीगर |
| काव्य |
एक आत्मशोध... |
बाजीगर |
| काव्य |
कोण दळण दळतयं आणी कोण पिठ खातयं... |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
ED, ED, आमची ED, |
अहिरावण |
| काव्य |
प्रश्नाच्या उत्तरातल्या प्रश्नाचं उत्तर.. |
प्राची अश्विनी |
| काव्य |
बेतुक्याचे चर्हाट..... |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
कॉफी... |
प्राची अश्विनी |
| काव्य |
बाँड आणि बांध |
कुमार जावडेकर |
| काव्य |
नवी ईमारतीतील अडगळ निवारण |
माहितगार |
| काव्य |
जुनेरलं नातं...निरोपाची वेळं-दुसरी बाजू |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
जुनेरलं नातं...निरोपाची वेळं |
कर्नलतपस्वी |
| काव्य |
जुनेरलं नातं... |
प्राची अश्विनी |
| काव्य |
डासबोध |
रम्या |
| काव्य |
जरांगे निघाले.,,,, |
बाजीगर |
| काव्य |
सांज |
कुमार जावडेकर |
| काव्य |
टुकार कविता: मामीचे गाणे |
विवेकपटाईत |
| काव्य |
ज्योत |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
फरार... |
बाजीगर |
| काव्य |
भरजरी |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
(अ)निती-श चे अभंग |
बाजीगर |
| काव्य |
पीळ |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
'माल' वून टाक 'दीवज' (विडंबन) |
बाजीगर |
| काव्य |
सुटलेला डाव ! |
अत्रुप्त आत्मा |