| प्रकार | शीर्षक | प्रकाशित Sort ascending | प्रतिसाद |
|---|---|---|---|
| काथ्याकूट | हे खाली वर जाणं... | 18 | |
| काथ्याकूट | शंकराचार्य नामक तळपत्या सूर्यासमोर माझे काजवे चमकवणे | 74 | |
| जे न देखे रवी... | मनात माझ्या तुझीच गीते लिहून गेलो... | 5 | |
| जे न देखे रवी... | आताशा मी ग्लास रिकामे मदिरेचे करतो | 10 | |
| जे न देखे रवी... | या तुम नहीं या हम नहीं | 2 | |
| जनातलं, मनातलं | इ गप्पा | 1 | |
| जे न देखे रवी... | प्रार्थना. | 8 | |
| जनातलं, मनातलं | पुनश्च ह्या गंगेमधि - भाग ० | 3 | |
| जे न देखे रवी... | एकमेकांसाठी (दुसरी आवृत्ती) | 17 | |
| जे न देखे रवी... | एक रात्र.. | 21 |