| जे न देखे रवी... |
ती पण आता पुसट वाटू लागलीय |
सिद्धेश्वर विल… |
| जे न देखे रवी... |
II शहराकडून "बा" चा फून आला II |
सिद्धेश्वर विल… |
| जे न देखे रवी... |
दिंडी |
अनन्त्_यात्री |
| जे न देखे रवी... |
परीक्षा |
माम्लेदारचा पन्खा |
| जे न देखे रवी... |
विंडोसीट |
फुंटी |
| जे न देखे रवी... |
झाली...पहाट झाली! |
सत्यजित... |
| जे न देखे रवी... |
मला आजवर कधीच रडू आलं नाही निपचित पडलेल्या कलेवरांच |
गरजू पाटिल. |
| जे न देखे रवी... |
मराठी माणसा झोपलाच राहा |
अरूण गंगाधर कोर्डे |
| जे न देखे रवी... |
(ए, बैठ ना जरासा) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| जे न देखे रवी... |
II नऊची ती बस खास होती II |
सिद्धेश्वर विल… |
| जे न देखे रवी... |
ये,बैस ना जराशी... |
सत्यजित... |
| जे न देखे रवी... |
भवताल |
चंद्रकांत |
| जे न देखे रवी... |
शिवस्तुती |
अरूण गंगाधर कोर्डे |
| जे न देखे रवी... |
II तो स्पर्शच नवा होता II |
सिद्धेश्वर विल… |
| जे न देखे रवी... |
आठवणींचा पाऊस |
निमिष सोनार |
| जे न देखे रवी... |
नियतीचा खेळ (एकच चारोळी दोन पद्धतीने) |
निमिष सोनार |
| जे न देखे रवी... |
II मास्तर म्हणतात पोरांना , पिरेम लय वाईट II |
सिद्धेश्वर विल… |
| जे न देखे रवी... |
एक अधिक एक... |
अत्रुप्त आत्मा |
| जे न देखे रवी... |
बाप हा ताप नसतो, पोरा |
सिद्धेश्वर विल… |
| जे न देखे रवी... |
विठोबा |
पिशी अबोली |
| जे न देखे रवी... |
II मी प्रेमपुरीचा विठ्ठल II |
सिद्धेश्वर विल… |
| जे न देखे रवी... |
..तिथे ती भेटते |
अनन्त्_यात्री |
| जे न देखे रवी... |
II हात सोड कटेवरचे , उचल बडव्यांशी लढावया II |
सिद्धेश्वर विल… |
| जे न देखे रवी... |
तुफान आलंया !! |
फिझा |
| जे न देखे रवी... |
II बळीराज किंकर अख्नंडीत माझे II |
सिद्धेश्वर विल… |
| जे न देखे रवी... |
भेटी लागी जीवा . . |
माम्लेदारचा पन्खा |
| जे न देखे रवी... |
अन् फुलांचे देह ओले पेटवावे तू! |
सत्यजित... |
| जे न देखे रवी... |
उगवता सूर्य आणि तो |
अनिकेत कवठेकर |
| जे न देखे रवी... |
भूमिपुत्र आणि काळी आई |
अनिकेत कवठेकर |
| जे न देखे रवी... |
व्याकुळकथा |
अनिकेत कवठेकर |