| जे न देखे रवी... |
माय-(मराठीची) पोएम |
अनन्त्_यात्री |
| जे न देखे रवी... |
भादरायला हवे वाढलेले, भादरायला गेलो |
खिलजि |
| जे न देखे रवी... |
शेतकी कॉलेजचे दिवस |
बबु |
| जे न देखे रवी... |
बघुनी तुझी ती रंगीत अम्ब्रेला |
खिलजि |
| जे न देखे रवी... |
ग चांदण्यांनो |
चांदणे संदीप |
| जे न देखे रवी... |
एकदा प्रेमी राधा कृष्ण होऊन पहावे. |
माहितगार |
| जे न देखे रवी... |
मिळालं का तुला माझं प्रेमाचं फूल सेंट केलेलं ? |
खिलजि |
| जे न देखे रवी... |
गणित.. |
प्राची अश्विनी |
| जे न देखे रवी... |
मंत्रालयात 'आग'-बाई |
माहितगार |
| जे न देखे रवी... |
केयलफिड्डी! |
चलत मुसाफिर |
| जे न देखे रवी... |
परकीमिलन |
माहितगार |
| जे न देखे रवी... |
मिलिंदमिलन |
मायमराठी |
| जे न देखे रवी... |
रोमांचक भूल ! |
अविनाशकुलकर्णी |
| जे न देखे रवी... |
लयीत एका झुलवीत |
बिपीन सुरेश सांगळे |
| जे न देखे रवी... |
कोण कुठली रोहिणी |
Rohini Mansukh |
| जे न देखे रवी... |
एकदाच ओलांडून अंतर... |
प्राची अश्विनी |
| जे न देखे रवी... |
एका उदास संध्याकाळी |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
(डबा) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| जे न देखे रवी... |
डबा |
Rohini Mansukh |
| जे न देखे रवी... |
'इमॅजिन' (कल्पना कर...) |
कुमार जावडेकर |
| जे न देखे रवी... |
अनामिक |
Rohini Mansukh |
| जे न देखे रवी... |
एकदा तरी माती व्हावे |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
"शर" |
परशु |
| जे न देखे रवी... |
डॉक्टरीणबाई डॉक्टरीणबाई येताय कधी? |
Sumant Juvekar |
| जे न देखे रवी... |
मास्तरा- जाशिल कधि परतून? |
Sumant Juvekar |
| जे न देखे रवी... |
मास्तरा- जाशिल कधि परतून? |
Sumant Juvekar |
| जे न देखे रवी... |
वणवा |
चांदणशेला |
| जे न देखे रवी... |
कुणी स्पेस देता का रे स्पेस? |
अबोलघेवडा |
| जे न देखे रवी... |
वास्तव |
Rohini Mansukh |
| जे न देखे रवी... |
डॉक्टरीणबाई डॉक्टरीणबाई येताय कधी? |
Sumant Juvekar |