| जे न देखे रवी... |
कवितेचे झाड !! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
हळूच द्या मज झोका कान्हा |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
एक आठवण |
संजयशिवाजीरावगडगे |
| जे न देखे रवी... |
प्रेम |
संजयशिवाजीरावगडगे |
| जे न देखे रवी... |
भिजल्या डोळ्यासही ना काही वाटले |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
आदाब अर्ज है ! |
अश्फाक |
| जे न देखे रवी... |
आम्ही काय म्हणूं धार्मीक |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
तार मनाचे दे झंकारून |
गंगाधर मुटे |
| जे न देखे रवी... |
पानगळ सुरु झाली आहे !! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
आसवे तो हुंदका टाळुन गेली.............. |
मयुरेश साने |
| जे न देखे रवी... |
युगलगीत : आलीया थंडी, साधूया संधी, चल पेटवू शेकोटी |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
काही नाती ....... |
संजयशिवाजीरावगडगे |
| जे न देखे रवी... |
आंब्याची चव चाखून बघा |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
माणुसकीचा झरा ..!! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
आई .. मिटलेला श्वास.. १२ |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
६: पाउलखुणा |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
जा रे कान्हा नटखट : गौळण (नाट्यगीत) |
गंगाधर मुटे |
| जे न देखे रवी... |
कुणा कुणाचा आदर्श डोळ्यासमोर ठेवायचा ?? |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
अंगाई |
धनंजय |
| जे न देखे रवी... |
तो कवी..ती कवियित्री.. |
कानडाऊ योगेशु |
| जे न देखे रवी... |
जागरण गोंधळ : आई देवी अंबेचा जागर मी करीतो |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
चोरटा मुरारी - गौळण |
गंगाधर मुटे |
| जे न देखे रवी... |
इतिहास |
स्पंदना |
| जे न देखे रवी... |
नरकयात्रा |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
शिखर त्यांनी गाठलेले - |
विदेश |
| जे न देखे रवी... |
धान्यापासून बनवा दारू ...!! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
एकास तीन |
अवलिया |
| जे न देखे रवी... |
चेंडू मारियेला |
गंगाधर मुटे |
| जे न देखे रवी... |
नदीवर धुणे धुणार्या बायका !! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
आपण सारे शिर्डीला जावूया |
पाषाणभेद |