| जे न देखे रवी... |
मध्यरात्र..!! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
पुन्हा तुझीच वाट पहात आहे |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
युगलगीतः मला वाजतीया थंडी |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
जख्ख अशी म्हातारी !! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
जख्ख अशी म्हातारी !! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
(गाडी सुटली , रुमाल हलले) |
अडगळ |
| जे न देखे रवी... |
प्रवास मी एकटीच करते... (गीत) |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
जे प्रेम करून लग्न करतात ...!! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
काय करू मी बाई सांगा तरी काही |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
(एक बाई ठेवावी म्हणतोय!) |
पिवळा डांबिस |
| जे न देखे रवी... |
एक बायको करावी म्हणतोय |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
गच्च मिठी शहारलेली |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
कवितेचे झाड !! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
हळूच द्या मज झोका कान्हा |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
एक आठवण |
संजयशिवाजीरावगडगे |
| जे न देखे रवी... |
प्रेम |
संजयशिवाजीरावगडगे |
| जे न देखे रवी... |
भिजल्या डोळ्यासही ना काही वाटले |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
आदाब अर्ज है ! |
अश्फाक |
| जे न देखे रवी... |
आम्ही काय म्हणूं धार्मीक |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
तार मनाचे दे झंकारून |
गंगाधर मुटे |
| जे न देखे रवी... |
पानगळ सुरु झाली आहे !! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
आसवे तो हुंदका टाळुन गेली.............. |
मयुरेश साने |
| जे न देखे रवी... |
युगलगीत : आलीया थंडी, साधूया संधी, चल पेटवू शेकोटी |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
काही नाती ....... |
संजयशिवाजीरावगडगे |
| जे न देखे रवी... |
आंब्याची चव चाखून बघा |
पाषाणभेद |
| जे न देखे रवी... |
माणुसकीचा झरा ..!! |
प्रकाश१११ |
| जे न देखे रवी... |
आई .. मिटलेला श्वास.. १२ |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
६: पाउलखुणा |
गणेशा |
| जे न देखे रवी... |
जा रे कान्हा नटखट : गौळण (नाट्यगीत) |
गंगाधर मुटे |
| जे न देखे रवी... |
कुणा कुणाचा आदर्श डोळ्यासमोर ठेवायचा ?? |
प्रकाश१११ |