मराठी साहित्य, संस्कृती आणि लेखनाचे व्यासपीठ

मेहबूब मेरे...

विनायक पन्त · · जे न देखे रवी...
लेखनविषय:
काव्यरस
ईद के दिन कही घर से बाहर ना निकलना, लोग चान्द समझके कही रोजा ना तोड दे, खफा हो कर खुदा कही... चान्द जैसे मुखडे बनाना ना छोड दे...

वाचन 3117 प्रतिक्रिया 0