ईद के दिन कही घर से बाहर ना निकलना,
लोग चान्द समझके कही रोजा ना तोड दे,
खफा हो कर खुदा कही...
चान्द जैसे मुखडे बनाना ना छोड दे...
काव्यरस
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आमचा पण एक गावठी बाण....
रक्षा बंधन के दिन गलतीसे घरके बाहर न निकलना
लडकिया भैया भैया कहेके काही राखी न बांध दे
फिर खफा होके खुदासे ये मत कहेना
ए मालिक... प्लिज बता तेरी रज़ा क्या है...
पैजारबुवा
=))=))
=))=))
दो बाण और....
वो हमे मेहेबुब भले ही ना समझे हम तो उनके आशिक है
अरे वो क्या, उनके बच्चे भी हमे मामा कहेके बुलाते है
एक जमाना ऐसा था की वो आगे और हम उनके पिछे भागते थे
उस जमाने मे हमारे हाथ मे गुलाब के बहोत सारे फुल हुवा करते थे
अब जमाना ऐसा है की हम आगे और वो हमारे पिछे भागते है
फर्क इतना ही हुवा है की उनके हाथ मे गुलाब की जगह बेलन रहेता है
पैजारबुवा
पैजारबुवा, इर्षाद!=))
In reply to दो बाण और.... by ज्ञानोबाचे पैजार
पैजारबुवा, इर्षाद!=))
लगे रहो पैजारबुवा
लगे रहो पैजारबुवा!
वो मेरेकु बोल्या इद के दिन
वो मेरेकु बोल्या इद के दिन बाहर मत निकलना ,लोग रोजा तोड देन्गे
वो मेरेकु बोल्या इद के दिन बाहर मत निकलना ,लोग रोजा तोड देन्गे
मै उसकु बोल्या, खालीपिली डरता कायकु, हम फेविकॉल से वापिस जोड देन्गे
वहा वा... वहा वा....
In reply to वो मेरेकु बोल्या इद के दिन by प्राची अश्विनी
मै दुकानदार को बोला एक फेविकॉल देना उनका फोटो सीने पे चीपकाने के लिये
दुकानदार बोला बडा लेना उसके साथ एका रिमुव्हर फ्री मे मिलता है
पहेले वाली का फोटो सीने से हटाने के लिये
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पैजारबुवा,
सीने में जलन
In reply to वहा वा... वहा वा.... by ज्ञानोबाचे पैजार
सीने में जलन आँख में तूफान सा क्यूं है
दवाखाने जाके आओ, ये तो अॅसिडिटी है
एक तुफानी लेहर को पै तुम अ
In reply to सीने में जलन by पैसा
एक तुफानी लेहर को पै तुम अॅसिडिटी समझ बैठे
ओर वो लोग है , जो इसी लेहर की ग्रॅव्हिटी मे उलझ बैठे
लेहर
In reply to एक तुफानी लेहर को पै तुम अ by प्राची अश्विनी
हर लेहर की अपनी एक कहानी है
आयी लेहर तो कहर कर दो, बहुत आसानी है
एकदम दणदणीत शायरया आहेत
In reply to लेहर by पैसा
एकदम
दणदणीत शायरया आहेत
वहा वा... वहा वा....
In reply to वहा वा... वहा वा.... by ज्ञानोबाचे पैजार
हे आवडल्या गेले आहे...एवढे बोलून मी....
Sandy
पन्त काय म्हन्त्ता कसा वाटला मिपा मुशायरा
:०))
हुस्न कि क्या तारीफ करू आपकी .........
हुस्न कि क्या तारीफ करू आपकी
ये अल्फाज भी हार गये
जबसे देखा था इस चांद को हमने
उस चांद को देखना भूल गये
युं शायरी को ऐसे मत फेको
युं शायरी को ऐसे मत फेको
हळु हळू अपने गळे से उसको ओको.
अरारारारा , विजूबौ. लैच हो.
In reply to युं शायरी को ऐसे मत फेको by विजुभाऊ
अरारारारा , विजूबौ. लैच हो.
पैले थोडा खोको बादमे ओको
आज कल पाव जमीं पर नहीं पडते
आज कल पाव जमीं पर नहीं पडते मेरे
हम ने बडा वाला ट्रे जो लिया हय
हे..हे..हे..हे
In reply to आज कल पाव जमीं पर नहीं पडते by आदूबाळ
मस्तच!