| काव्य |
(बंदीपायी जीवा लागलीसे वाट) |
स्वामी संकेतानंद |
| काव्य |
रस - रस - रसायन |
हर_हुन्नरी |
| काव्य |
सय संद्याकाय |
ऊध्दव गावंडे |
| काव्य |
सय संद्याकाय |
ऊध्दव गावंडे |
| काव्य |
(कोरडी भाकर) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
कोरडा स्वर |
प्राजु |
| काव्य |
नितंब (विडंबन) |
दमामि |
| काव्य |
स्वार्थाच्या बाजारी, मैत्री अशी रंगली |
विवेकपटाईत |
| काव्य |
जुन्या मराठी कविता |
विवान |
| काव्य |
(तुडुंब) |
चतुरंग |
| काव्य |
चोरले जाणार नाही 'ते' |
भारी समर्थ |
| काव्य |
माणुसकी |
वेल्लाभट |
| काव्य |
अंतरे |
परिधी |
| काव्य |
गोंधळ |
ज्योति अळवणी |
| काव्य |
भिकारी |
शार्दुल_हातोळकर |
| काव्य |
वास्तव |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
!! रात्र जिवलग सखी जाहली !! |
कवि मानव |
| काव्य |
पहाट धुके |
Pradip kale |
| काव्य |
अरे पाचशे हजार |
मधुका |
| काव्य |
कळले नाही |
सोहम कामत |
| काव्य |
अंकुर |
जव्हेरगंज |
| काव्य |
जन पळभर म्हणतील 'बाय बाय' ! |
लीना कनाटा |
| काव्य |
तू फक्त..... |
ज्योति अळवणी |
| काव्य |
कुण्या गावचा कोण? |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
ऐक ना साजणे |
सोहम कामत |
| काव्य |
(लिहितो विडंबन स्वतःच साठी) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
लिहितो कविता तुमच्यासाठी... |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
खुळ्या सांजवेळा... |
प्राजु |
| काव्य |
कदंब |
प्राजु |
| काव्य |
तत्वा, तुझी किंमत बघ! |
वेल्लाभट |