| काव्य |
अदृष्य हात |
संदीप-लेले |
| काव्य |
फ्लो डायग्राम---->माझ्या पावसाळी कविता॑चा |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
पाऊस..... काचेपलिकडचा.....! |
सनकी |
| काव्य |
पावसावर कविता? नाय नो नेव्हर! |
रातराणी |
| काव्य |
साक्षात्कार |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
येथे पाहिजे जातीचे ..... |
अरूण गंगाधर कोर्डे |
| काव्य |
पहिले प्रेम आणि पहिला पाऊस सारखाच! |
bhavana kale |
| काव्य |
मीच का ? |
अरूण गंगाधर कोर्डे |
| काव्य |
ढग . . ! |
माम्लेदारचा पन्खा |
| काव्य |
तूरडाळ टंचाई |
अरूण गंगाधर कोर्डे |
| काव्य |
क्रृष्णमेघ |
चष्मेबद्दूर |
| काव्य |
जय महाराष्ट्र बोला |
पाषाणभेद |
| काव्य |
अंबरनक्षी |
सांजसंध्या |
| काव्य |
झिन झनन निनादत होते |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
ऊन |
शिव कन्या |
| काव्य |
देवाचे मनोगत |
अरूण गंगाधर कोर्डे |
| काव्य |
मुलगा |
अरूण गंगाधर कोर्डे |
| काव्य |
पाखरे |
संदीप-लेले |
| काव्य |
गावाकडच्या मावळतीचे रंग बिलोरी |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
लाल दिवा . . . . . . |
माम्लेदारचा पन्खा |
| काव्य |
माराल काय तुम्ही तयांना ...... |
अरूण गंगाधर कोर्डे |
| काव्य |
प्राजक्त |
पिशी अबोली |
| काव्य |
ताणे-बाणे स्थल-कालाचे.. |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
चारोळी: हिरवा"गार" पाऊस! |
निमिष सोनार |
| काव्य |
जपुन टाक पाउल |
Vinayak sable |
| काव्य |
हळद |
माधुरी विनायक |
| काव्य |
अण्णारती- विरहखंड भाग १ |
माम्लेदारचा पन्खा |
| काव्य |
सांज मुकी |
चांदणशेला |
| काव्य |
सांगा |
अरूण गंगाधर कोर्डे |
| काव्य |
अध्यात्माची महती |
अरूण गंगाधर कोर्डे |