| काव्य |
कविता: बिबट्याचे मनोगत |
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३३ कोटींची मुक्ती |
मायमराठी |
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धुरंधर |
खिलजि |
| काव्य |
वाळूचे विरहगीत |
मायमराठी |
| काव्य |
सुंदरसा तो पाऊस यावा |
बिपीन सुरेश सांगळे |
| काव्य |
चार थेंब |
मायमराठी |
| काव्य |
मर्लिन मन्रो.... |
जयंत कुलकर्णी |
| काव्य |
श्रावण आला गं सखे |
बिपीन सुरेश सांगळे |
| काव्य |
कृष्णछबी |
मायमराठी |
| काव्य |
मिळता नजरेस नजर |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
तू मी अन पाऊस |
पाषाणभेद |
| काव्य |
सरसर सरसर आली सर |
बिपीन सुरेश सांगळे |
| काव्य |
वारी |
मायमराठी |
| काव्य |
दुष्ट दुष्ट बायको! |
अत्रुप्त आत्मा |
| काव्य |
कावळा.. |
प्राची अश्विनी |
| काव्य |
कविता: आज्जी माझी… |
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पावसाच्या धारा |
बिपीन सुरेश सांगळे |
| काव्य |
इंद्रधनू |
पाषाणभेद |
| काव्य |
चंद्रयान आणि रिलेशनशिप |
पुणेरी कार्ट |
| काव्य |
माकडांच्या पुढे नाचली माणसे! |
गंगाधर मुटे |
| काव्य |
हा संभ्रम माझा |
चांदणे संदीप |
| काव्य |
झरझर झरझर |
शिव कन्या |
| काव्य |
लढली अशी कि ती जणू झुन्जीतच वाढली |
खिलजि |
| काव्य |
निर्झर |
पाषाणभेद |
| काव्य |
माफ करा राजे आम्ही पितो , होय आम्ही पितो |
खिलजि |
| काव्य |
अभंग... |
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घनदाट गर्द रेशमी केशकुंतल |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
काल धरण बांधिले |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
कधीकधी मी हळवा होतो , बघुनी देव दानवांत |
खिलजि |
| काव्य |
सुखाच्या सीमेवर दुःखांची घरे वसतात |
खिलजि |