सरसर सरसर आली सर
लेखनविषय:
सरसर सरसर आली सर
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सरसर सरसर आली सर
सरसर सरसर आली सर
सरसर सरसर आली सर
भरभर भरभर छत्री धर
धरू कशी ? सुटलाय वारा
छत्री उलटी झाली तर ?
सरसर सरसर आली सर
लवकर रेनकोट अंगावर
घालू कसा ? घालूनही जर
आतून सगळा भिजलो तर ?
सरसर सरसर आली सर
छत्री नको रेनकोट नको
धाराच झेलू अंगभर
पाऊस होऊ क्षणभर
सरसर सरसर आली सर
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बिपीन
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जीओ बिपीन
In reply to जीओ बिपीन by पाषाणभेद
+1
रेनकोट शब्द खटकतोय. तो बदला
जीओ बिपीन
| जॉनविक्क आभारी आहे .
पाषाणभेद
छान
आभार दिलीपजी आभार !