| साहित्य प्रकार | शीर्षक | लेखक | प्रतिक्रिया शीर्षक | प्रतिक्रिया लेखक |
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| काथ्याकूट | तज्ञांचे सल्ले ! कोणाचे ऐकावे? | उपयोजक | माझ्या बाबतीत उलटे झाले होते | चंद्रसूर्यकुमार |
| काथ्याकूट | SCST ACT मधील compensation संदर्भातील तरतुदी. | मारवा | आय आय टी मध्ये झालेल्या या… | सुबोध खरे |
| जे न देखे रवी... | (((शशक - दोन पायांचा कोंबडा))) | श्रीगुरुजी | पितृपक्ष अजून चालू व्हायचा… | सुबोध खरे |
| काथ्याकूट | तज्ञांचे सल्ले ! कोणाचे ऐकावे? | उपयोजक | आपल्या समाजात इंजिनिअरींगला… | सुबोध खरे |
| जे न देखे रवी... | (((शशक - दोन पायांचा कोंबडा))) | श्रीगुरुजी | हा हा 😂 बाकी पितृपक्षामुळे… | श्वेता व्यास |
| काथ्याकूट | तज्ञांचे सल्ले ! कोणाचे ऐकावे? | उपयोजक | सहमत | चंद्रसूर्यकुमार |
| जे न देखे रवी... | ((शशक-एक पायाचा कावळा)) | टवाळ कार्टा | धन्स् | कांदा लिंबू |
| जे न देखे रवी... | ((शशक-एक पायाचा कावळा)) | टवाळ कार्टा | फोक्कन घ्याhttps://www… | आग्या१९९० |
| काथ्याकूट | SCST ACT मधील compensation संदर्भातील तरतुदी. | मारवा | Onus of proof | मारवा |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | हे प्रकरण अतिशय गंभीर आहे. | कांदा लिंबू |
| काथ्याकूट | SCST ACT मधील compensation संदर्भातील तरतुदी. | मारवा | मास्टरस्ट्रोक ! | साहना |
| जे न देखे रवी... | ((शशक-एक पायाचा कावळा)) | टवाळ कार्टा | पितृ पक्षाच्या अमृत काळात | अनन्त्_यात्री |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | वरील दोन चित्रातील साम्य व… | श्रीगुरुजी |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | आणि हे दिल्लीतील कॉमेडी… | श्रीगुरुजी |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | हे चित्र इंदूरमधील कॉमेडी… | श्रीगुरुजी |
| जे न देखे रवी... | ((शशक-एक पायाचा कावळा)) | टवाळ कार्टा | गुर्जींचा वारसा चांगला… | प्रचेतस |
| काथ्याकूट | SCST ACT मधील compensation संदर्भातील तरतुदी. | मारवा | बहुत काय बोलणे | वृषभ खोंडे |
| भटकंती | लखनौ, प्रयागराज, वाराणसी आणि सारनाथ - भाग २ | एक_वात्रट | आवडलं. | कंजूस |
| काथ्याकूट | SCST ACT मधील compensation संदर्भातील तरतुदी. | मारवा | कायदा कमालीचा कडक आहे आणि हे… | साहना |
| भटकंती | लखनौ, प्रयागराज, वाराणसी आणि सारनाथ - भाग १ | एक_वात्रट | धन्यवाद! | एक_वात्रट |
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