✍ मराठी साहित्य, संस्कृती आणि लेखनाचे व्यासपीठ
प्रवेश करा | सदस्य व्हा
मिसळपाव
मिसळपाव मराठी साहित्य

Main navigation

  • मुख्य पान
  • पाककृती
  • कविता
  • भटकंती
  • नवीन लेखन

मुन्ना बदनाम हुआ..

अ — अरुण मनोहर, Fri, 03/04/2011 - 09:19
गडाफी आता असे म्हणत असेल का? मुन्ना बदनाम हुआ सॅम अंकल तेरे लिये (३ बार) मुन्ने का क्रूड नशीला, गॅस सुनहरा, करम फ़ुटेला रे क्रुड का बाम्ब हुआ, सॅम अंकल तेरे लिये मुन्ना बदनाम हुआ सॅम अंकल तेरे लिये मुन्ने का क्रूड नशीला, गॅस सुनहरा, करम फ़ुटेला रे क्रुड का बाम्ब हुआ, सॅम अंकल तेरे लिये (२ बार) मुन्ना बदनाम हुआ सॅम अंकल तेरे लिये (२ बार) सद्दाम को काटा, हुस्नी को पिटा, हुस्नी को पिटा सद्दाम को काटा, हुस्नी को पिटा, हुस्नी को पिटा है तेरे साजीश में व्हिलनी अदा रे व्हिलनी अदा हाय तुने लादीन को हव्वा बनाने मे हाय तुने लादीन को हव्वा बनाने लाखो डालर दिया लेकीन मुझको मरवाया, डारलिंग तेरे लिये मेरा बज़ार उठवाया, डार्लिंग तेरे लिये मुन्ना बदनाम हुआ सॅम अंकल तेरे लिये (२ बार) _________________________ ओ मुन्ना रे ओ मुन्ना रे _________________________तेरा पर्चे पर्चे, चर्चा रे _________________________.......मो टर का बढाया बढाया खर्चा रे _________________________ .......मो टर का बढाया तुने खर्चा रे _________________________ओ मुन्ना रे.. कैसे भिखारी से पाला पडा जी पाला पडा हो कैसे भिखारी से पाला पडा जी पाला पडा सस्ता दे सस्ता दे पिछे पडा मेरे पिछे पडा हलकट ना जाने मेरे नलकेके आगे __________________________(हाय हाय मार डालेंगा क्यां) हलकट ना जाने मेरे नलकेके आगे हाये कायनाथ झुका अब तक खुदको लुटाया, डारलिंग तेरे लिये सस्ते में खूब बेचा डारलिंग तेरे लिये मुन्ना बदनाम हुआ, सॅम अंकल तेरे लिये.... ________________________ है तुझ में पुरी ताकद का नशा, ताकद का नशा _ _______________________है तुझ में पुरी ताकद का नशा, ताकद का नशा ________________________कर दे अमीर मुझको, कर्जा चुका मेरा कर्जा चुका ________________________खर्बो के कर्जे मेरे खर्चे है भारी, हो ________________________खर्बो के कर्जे मेरे खर्चे है भारी तू थोडा दिला ________________________ तू आयटम खास मिला, डारलिंग मेरे लिये ________________________मुन्ना बदनाम हुआ डारलिंग मेरे लिये (२ बार) मुन्ने का क्रूड नशीला, गॅस सुनहरा, करम फ़ुटेला रे क्रुड का बाम्ब हुआ, सॅम अंकल तेरे लिये मुन्ना बदनाम हुआ सॅम अंकल तेरे लिये जिक्रें आवाम हुआ, सॅम अंकल तेरे लिये तानाशाह मुझे बुलाया, सॅम अंकल तेरे लिये ________________________छलिया से रांड बनाया, डारलिंग मेरे लिये ________________________कृड का बाम्ब बनाया, डारलिंग मेरे लिये दुनिया में झोल हुआ, तेरे तेरे तेरे लिये हाले बदनाम हुआ, सॅम अंकल तेरे लिये ले सरे आम हुआ, सॅम अंकल तेरे लिये सॅम अंकल तेरे लिये, सॅम अंकल तेरे लिये, सॅम अंकल तेरे लिये

प्रतिक्रिया द्या
3065 वाचन

💬 प्रतिसाद (13)

झॅक आहे इडंबण.. सद्य

नरेशकुमार
Fri, 03/04/2011 - 09:34 नवीन
झॅक आहे इडंबण.. सद्य परिस्थीति लचकत मुरडत नाचत डॉल्यापुढे आली.
  • Log in or register to post comments

मस्त ,लय आवडलि

पियुशा
Fri, 03/04/2011 - 10:01 नवीन
मस्त ,लय आवडलि :)
  • Log in or register to post comments

मस्त

गणेशा
Fri, 03/04/2011 - 11:29 नवीन
मस्त
  • Log in or register to post comments

झणझणीत अंजन !! व्वा -

टारझन
Fri, 03/04/2011 - 11:44 नवीन
झणझणीत अंजन !! व्वा ;) - मुन्नाभाई बिडीएसएम
  • Log in or register to post comments

एकदम खर! त्यातच भर

स्पंदना
Fri, 03/04/2011 - 11:46 नवीन
एकदम खर! त्यातच भर घालाना किधर तो आग लगेगा, युद्ध फटेगा, डार्लींग मेरे लिये कोइ तो शस्त्र खरिदेगा, पैसा देगा, डार्लींग मेरे लिये फिर इकॉनॉमी चलेगा,डॉलर उठेगा, डार्लींग मेरे लिये, हा बास्टर्ड तेरे लिये.
  • Log in or register to post comments

झांटामाटीक विडंबन झाले आहे.

llपुण्याचे पेशवेll
Fri, 03/04/2011 - 12:02 नवीन
झांटामाटीक विडंबन झाले आहे.
  • Log in or register to post comments

दबंग विडंबन!

नगरीनिरंजन
Fri, 03/04/2011 - 12:07 नवीन
दबंग विडंबन!
  • Log in or register to post comments

गैर मस्त

कच्ची कैरी
Fri, 03/04/2011 - 16:10 नवीन
गैरच पटण बर का !आखो येउ द्या :)
  • Log in or register to post comments

मस्त !

अवलिया
Fri, 03/04/2011 - 18:37 नवीन
मस्त !
  • Log in or register to post comments

हा हा

सहज
Fri, 03/04/2011 - 18:54 नवीन
झकास!
  • Log in or register to post comments

चालूद्या. मराठी भाषेची निदान

विजुभाऊ
Sat, 03/05/2011 - 02:01 नवीन
चालूद्या. मराठी भाषेची निदान एकतरी ओळ असू द्यात
  • Log in or register to post comments

भौ, पयलीच लाईन मर्हाटीत हाये

अरुण मनोहर
Sat, 03/05/2011 - 02:56 नवीन
भौ, पयलीच लाईन मर्हाटीत हाये ना गा! अगदी बोल्डात लिवलीय. जरा नीट पाह्यजो!
  • Log in or register to post comments
↩ प्रतिसाद: विजुभाऊ

मस्त.... मनमोहन सिंग गाण्यावर

अविनाशकुलकर्णी
Sat, 03/05/2011 - 12:37 नवीन
मस्त.... मनमोहन सिंग गाण्यावर भंगडा करीत असल्याचे द्रुश्य डोळ्या समोर तरंगले.
  • Log in or register to post comments

मिसळपाव वर स्वागत आहे.

प्रवेश करा

  • नवीन खाते बनवा
  • Reset your password
मिसळपाव.कॉम बद्दल
  • 1आम्ही कोण?
  • 2Disclaimer
  • 3Privacy Policy
नवीन सदस्यांकरीता
  • 1सदस्य व्हा
  • 2नेहमीचे प्रश्न व उत्तरे
लेखकांसाठी
  • 1लेखकांसाठी मार्गदर्शन उपलब्ध
  • 2लेखन मार्गदर्शन
संपर्क
  • 1सर्व मराठीप्रेमींचे मनापासून स्वागत!
  • 2अभिप्राय द्या
  • 3संपर्क साधा
© 2026 Misalpav.com  ·  Disclaimer  ·  Privacy Policy मराठी साहित्य व संस्कृतीसाठी  ·  प्रवेश  |  सदस्य व्हा