| जनातलं, मनातलं |
सिल्क |
वझेबुवा |
| स्पर्धा |
शशक'२०२२ - खानावळ |
साहित्य संपादक |
| काथ्याकूट |
मी कधी कुणाची आर्थिक फसवणूक केली आहे का? |
मुक्त विहारि |
| भटकंती |
कोळेश्वर ट्रेक १९.०९.२१ (जांभळी गावाकडून) |
Vivek Phatak |
| भटकंती |
कोळेश्वर ट्रेक १९.०९.२१ (जांभळी गावाकडून) |
Vivek Phatak |
| जनातलं, मनातलं |
न झालेला दोस्ताना.. |
योगी९०० |
| जे न देखे रवी... |
तू |
पाषाणभेद |
| स्पर्धा |
शशक'२०२२ - टेलिपॅथी |
साहित्य संपादक |
| जनातलं, मनातलं |
चिंता नक्को, हम हइ इद्दर!!" |
जे.पी.मॉर्गन |
| जनातलं, मनातलं |
परिक्रमा |
कपिलमुनी |
| काथ्याकूट |
जाहिराती |
उपाशी बोका |
| स्पर्धा |
शशक'२०२२ - सत्य आणि ज्ञान |
साहित्य संपादक |
| स्पर्धा |
शशक'२०२२ - वेदना |
साहित्य संपादक |
| जनातलं, मनातलं |
अनुभवातील व्यक्ति, प्रकृती आणि प्रवृत्ती -१ |
सस्नेह |
| स्पर्धा |
शशक'२०२२ - संपत्ती |
साहित्य संपादक |
| राजकारण |
ताज्या घडामोडी मे २०२२(भाग २) |
चंद्रसूर्यकुमार |
| जनातलं, मनातलं |
पुस्तक परिचय: "ही वाट एकटीची" -- व. पु. काळे |
सुजित जाधव |
| स्पर्धा |
शशक'२०२२ - कलियुगात कॉनमॅन |
साहित्य संपादक |
| स्पर्धा |
शशक २०२२ - धडपड |
साहित्य संपादक |
| जनातलं, मनातलं |
उडालं गेऽऽ धर!!! (एका विस्कळीत लेखाचे विच्छेदन) |
यकु |
| जनातलं, मनातलं |
पुन्हा सालं 'वैचारिक' |
यकु |
| स्पर्धा |
मिपा शतशब्दकथा स्पर्धा - २०२२ |
साहित्य संपादक |
| जनातलं, मनातलं |
चिरकुट मुलगी—3 |
भागो |
| स्पर्धा |
शशक'२०२२ - पढाई |
साहित्य संपादक |
| स्पर्धा |
शशक'२०२२ - तुटलेले दोर |
साहित्य संपादक |
| जे न देखे रवी... |
डासांचे विजय गीत |
विवेकपटाईत |
| जे न देखे रवी... |
(किती काळ तुडवायचे) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| जनातलं, मनातलं |
माझी राधा - ८ |
विजुभाऊ |
| जनातलं, मनातलं |
माझी राधा - ३ |
विजुभाऊ |
| जनातलं, मनातलं |
कंदमूळ-उन्हा़ळ्याचं फळ |
अत्रुप्त आत्मा |