पंचशील ..........संभोगाच्या अपूर्ण कथा
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आलास समोर | चढले खूळ |
नजरेत अतर्क्य | विखार दाटलेले |
तुटले टाके | उसवले बंध |
विलग होवुनी | वस्त्र फडफडले |
मनात गाणी | दाटती सूर |
रक्तबंबाळ बोटे | विखुरल्या तारा |
राणीचे उसासे | रखेलीचा टाहो |
निपुत्रिक राजा | चढे सरणावरी |
बाटला देह | विटाळ घेवुनी |
धर्माची स्थापना | कुणी करावी ?
विजयकुमार.........
०७ . ०२ .
मिसळपाव