एक तरी गज़ल अनुभवावी # ०२
गालिब - गुलज़ार - जगजितसिंग
या आधीचे भाग
एक तरी गज़ल अनुभवावी - प्रस्तावना
एक तरी गज़ल अनुभवावी # ०१
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होगा कोई ऐसा भी कि 'ग़ालिब' को न जाने
शाइर तो वो अच्छा है पर बदनाम बहुत है
एका गझलेत गालिब ने स्वतः विषयी लिहून ठेवलं आहे
"गालिब" ला ओळखत नाही असे कोणी आहे का?
मिसळपाव