| काव्य |
वेदना.. |
राघव |
| काव्य |
पाऊस असा रडतो |
चांदणशेला |
| काव्य |
कदाचित (भयगुढ कविता) |
अॅस्ट्रोनाट विनय |
| काव्य |
आम्ही कोण?-निवडणूक उमेदवाराचे मनोगत (कविश्रेष्ठ केशवसुता॓ची क्षमा मागून) |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
एवढं करंच... |
अॅस्ट्रोनाट विनय |
| काव्य |
मंद मंद पहाट |
चांदणशेला |
| काव्य |
संतापाचा रीटेक |
वेल्लाभट |
| काव्य |
प्रश्नत्रयी |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
होतकरू नगरसेवकानची भरली होती सभा, |
मूखदूर्बळ |
| काव्य |
!!! ....सभा "Social Networking " ची.... !!! |
बटाटा चिवडा |
| काव्य |
गजलांकित प्रतिष्ठान |
माहितगार |
| काव्य |
प्रेम |
पराग देशमुख |
| काव्य |
१०० नंबरी प्रेम |
अॅस्ट्रोनाट विनय |
| काव्य |
माझी एक गोची होते |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
तूच तू... |
ज्योति अळवणी |
| काव्य |
त्या आतल्या द्युतीला |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
शांत अता या गाजा होणे नाही .. |
drsunilahirrao |
| काव्य |
बोल नुपूरांचे |
चांदणशेला |
| काव्य |
तुझ्या अंतरीची (चारोळी) |
पराग देशमुख |
| काव्य |
दु:ख अवघा धृवतारा मागते |
drsunilahirrao |
| काव्य |
शब्दच केवळ |
अनन्त्_यात्री |
| काव्य |
!!...'मानवी भूकंप'...!! |
बटाटा चिवडा |
| काव्य |
माणूस |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
नव गृहाचे कर्जही, फेडणे आता उभ्याने ! |
संजय क्षीरसागर |
| काव्य |
(वंचनांचे खर्चही पडताळणे आता नव्याने) |
चतुरंग |
| काव्य |
गन्धाल्पबलरागीयम् | Gandalf and the Balrog. |
बॅटमॅन |
| काव्य |
देवा तुला नक्की काय करायचं होतं ? |
अभिषेक पांचाळ |
| काव्य |
वंचनांचे खर्चही पडताळणे आता नव्याने |
विशाल कुलकर्णी |
| काव्य |
"पॅलेस ऑन व्हील्स " |
पदकि |
| काव्य |
प्रणय रात्र |
अविनाशकुलकर्णी |