| काव्य |
दाराआडची मुलगी |
शिव कन्या |
| काव्य |
देव |
अन्या बुद्धे |
| काव्य |
कोळीगीत: शिडाशिडात भरारे वारा |
पाषाणभेद |
| काव्य |
कोरडं रान |
पाषाणभेद |
| काव्य |
(पाहिजे) |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
पाहिजे |
अन्या बुद्धे |
| काव्य |
मोकलाया दाहि दिश्या - एक भावार्थ सुडंबन |
चामुंडराय |
| काव्य |
कारण हे निमित्तमात्र |
शब्दानुज |
| काव्य |
(जगणं फक्त निमित्तमात्र) |
नाखु |
| काव्य |
मृत्यूची सय ही निमित्तमात्र |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
चित्त |
अन्या बुद्धे |
| काव्य |
बसणं हे निमित्तमात्र |
पाषाणभेद |
| काव्य |
बातम्या बघणे हे निमित्तमात्र.. |
ज्ञानोबाचे पैजार |
| काव्य |
चौथयांदा झालेल पाहिलं प्रेम |
chittmanthan.OOO |
| काव्य |
दारू ही केवळ निमित्तमात्र.. |
चामुंडराय |
| काव्य |
डॉक्टर हा निमित्तमात्र.. |
सोन्या बागलाणकर |
| काव्य |
पुरंदराचं तेजस्वी पातं..! [updated] |
राघव |
| काव्य |
काॅफी ही निमित्तमात्र.. |
प्राची अश्विनी |
| काव्य |
शोधा म्हणजे सापडेल ( परामानंदाचे झाड ) |
खिलजि |
| काव्य |
विशाल राज्य |
शब्दानुज |
| काव्य |
राखून ठेव दुधाचे थेंब तू |
खिलजि |
| काव्य |
|| माझे बाबा || |
बी.डी.वायळ |
| काव्य |
चढणं म्हणजे काय असते रे भौ ( एक अशीच केलेली "श श क कविता" ) |
खिलजि |
| काव्य |
काचेच्या अलिकडून |
चाणक्य |
| काव्य |
व्हेनीसचे व्यापारी |
अविनाशकुलकर्णी |
| काव्य |
सजले अंतर |
कुमार जावडेकर |
| काव्य |
हमसे तो छूटी महफ़िलें… |
मनिष |
| काव्य |
भाषा |
कुमार जावडेकर |
| काव्य |
स्वतःसाठी जगू नका |
नायकुडे महेश |
| काव्य |
सीता रागाने हनुमंताला "तुझ्या आईची छूत्री " म्हणाली |
खिलजि |