| साहित्य प्रकार | शीर्षक | लेखक | प्रतिक्रिया शीर्षक | प्रतिक्रिया लेखक |
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| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | सर्व चारही अतिरेक्यांना… | श्रीगुरुजी |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | पाकिस्तानप्रेमी भारतविरोधी… | श्रीगुरुजी |
| जे न देखे रवी... | मिसळीपेक्षा पिंड बरे | श्रीगुरुजी | नाही हो... गेले ते दिवस… | राज जोशी |
| जे न देखे रवी... | माफ करा सर! | कांदा लिंबू | तो दुभंग आधीच होता.... खूप… | राज जोशी |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | झुरळे, कॉंग्रेस, शिऊबाठा,… | श्रीगुरुजी |
| जे न देखे रवी... | बाप.. | चिगो | कविता आवडली | श्वेता२४ |
| जे न देखे रवी... | बाप.. | चिगो | डोळे आहेत तोवर बघून घ्या... | कर्नलतपस्वी |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | त्यावेळेस तो मकराश्रूवाला… | श्रीगुरुजी |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी- ऑक्टोबर ते डिसेंबर-२०२६ | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | ज्ञानेशकुमार प्रकरण न्यायालयात... | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | किती वर्षे त्याच त्याच झाडावर? | चंद्रसूर्यकुमार |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी- ऑक्टोबर ते डिसेंबर-२०२६ | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | राहुल गांधीचा देहरादून येथे… | विवेकपटाईत |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी- ऑक्टोबर ते डिसेंबर-२०२६ | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | सर्व कोकरोच दीपिके पासून आप… | विवेकपटाईत |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | हं | वृषभ खोंडे |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी- ऑक्टोबर ते डिसेंबर-२०२६ | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | वय बघु नका हो !! प्रश्ना चे… | चबुगबाळे |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | अतिशय स्तुत्य निर्णय - | वृषभ खोंडे |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी । सप्टेंबर २०२६ | भाद्रपद २०४८ | कांदा लिंबू | हेडलाईन पे न जाव अपनी अकल लागाव - | वृषभ खोंडे |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी- ऑक्टोबर ते डिसेंबर-२०२६ | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | नया (आयडी) है यह! | अमरेंद्र बाहुबली |
| काथ्याकूट | चालू घडामोडी- ऑक्टोबर ते डिसेंबर-२०२६ | प्रा.डॉ.दिलीप बिरुटे | आंदोलन कायदा-संविधानाला… | चबुगबाळे |
| जे न देखे रवी... | बाप.. | चिगो | आई अजून 'आवडीची, कारण अजून ती 'कामाची' | चित्रगुप्त |
| जे न देखे रवी... | बाप.. | चिगो | बाप रे. दारूण धगधगते सत्य. | चित्रगुप्त |
मिसळपाव