| साहित्य प्रकार | शीर्षक | लेखक | प्रतिक्रिया शीर्षक | प्रतिक्रिया लेखक |
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| जे न देखे रवी... | सहज मात्र | श्वेता२४ | @श्रीगुरुजी | श्वेता२४ |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र | श्वेता२४ | निरागस! | अनन्त्_यात्री |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र (त्याच्या दृष्टीतून) | कांदा लिंबू | अगदी सहज.... | कर्नलतपस्वी |
| काथ्याकूट | आंदोलन मृत झाले | श्रीगुरुजी | आज विश्वप्रवक्ते संजय राऊत… | विजुभाऊ |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र (त्याच्या दृष्टीतून) | कांदा लिंबू | अजून एक नवीन सुंदर काव्य! | श्रीगुरुजी |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र (त्याच्या दृष्टीतून) | कांदा लिंबू | मस्त आहे. विडंबन नसून नवीन… | श्रीगुरुजी |
| जे न देखे रवी... | ( सहज मात्र ) | कर्नलतपस्वी | भारीच की 😅 | श्वेता व्यास |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र (त्याच्या दृष्टीतून) | कांदा लिंबू | तुझ्यासाठी लिहून पाठवतो… | श्वेता व्यास |
| जे न देखे रवी... | (( सहज मात्र )) | श्रीगुरुजी | गुर्जींची कविता...लै भारी | विजुभाऊ |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र (त्याच्या दृष्टीतून) | कांदा लिंबू | आरे वा आज मस्त वातावरण… | विजुभाऊ |
| जे न देखे रवी... | ( सहज मात्र ) | कर्नलतपस्वी | लैच भारी जमलंय विडंबन… | विजुभाऊ |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र | श्वेता२४ | सहज कोणी लिहून जातेमनाची… | विजुभाऊ |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र (त्याच्या दृष्टीतून) | कांदा लिंबू | अप्रतिम! | श्वेता व्यास |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र | श्वेता२४ | कविता छान आहे. बाकी काही… | श्रीगुरुजी |
| जे न देखे रवी... | (( सहज मात्र )) | श्रीगुरुजी | हा हा हा 🤣 | श्वेता व्यास |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र | श्वेता२४ | धन्यवाद श्वेता | श्वेता२४ |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र | श्वेता२४ | @कांदा लिंबू | श्वेता२४ |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र | श्वेता२४ | @मारवा @प्रा.डॉ. | श्वेता२४ |
| जे न देखे रवी... | सहज मात्र | श्वेता२४ | धन्यवाद पैजारबुवा | श्वेता२४ |
| जे न देखे रवी... | (( सहज मात्र )) | श्रीगुरुजी | 😆 काय हे गुरुजी | श्वेता२४ |
मिसळपाव