✍ मराठी साहित्य, संस्कृती आणि लेखनाचे व्यासपीठ
प्रवेश करा | सदस्य व्हा
मिसळपाव
मिसळपाव मराठी साहित्य

Main navigation

  • मुख्य पान
  • पाककृती
  • कविता
  • भटकंती
  • नवीन लेखन

मेरे मुर्गे को क्या हुवा चाचा?

प — पाषाणभेद, Mon, 05/23/2011 - 05:52
मेरे मुर्गे को क्या हुवा चाचा?
मेरे मुर्गे को क्या हुवा चाचा? खाता नही पिता नही बंद पडलीय त्याची वाचा ||धृ|| अब मै क्या करू उसको? नही डाक्टर दिखानेको तेरे आंगनमे वो जाताय कुकुचकु कुकुचकु वो वरडताय मेरा दानापानी नही उसको भाता अरे मेरे मुर्गे को क्या हुवा चाचा? ||१|| देख हळुहळु तो कसा भागताय लई उदास उदास दिखताय चोच उघडी रखके तो बसतोय नही फडफड फडफड करताय अब्बी तुच हैरे बाबा उसका दाता मेरे मुर्गे को क्या हुवा चाचा? ||२|| मै क्या बोलतोय अब तू ध्यानसे सुन चाचा ये मुर्गा और तेरी मुर्गीपे प्रसंग आयेलाय बाका अरे दोनो का भिड गया आपसमें टाका अंधेरेमे जाके घेती एकमेकका मुका ये प्रेमीयोंके बीचमे आता कोनी येवू नका अबी दोनोके शादीका टैम आयेला है बरका मेरे मुर्गे को प्यार हुवा है रे चाचा ||३|| - पाषाणभेद (दगडफोड्या) २३/०५/२०११

प्रतिक्रिया द्या
2038 वाचन

💬 प्रतिसाद (7)

खतरनाक

निनाद
Mon, 05/23/2011 - 06:00 नवीन
काव्य खतरनाक आहे. अगदी मालेगावला गेल्यासारखे वाटले. :) तुमच्या लोकगीतांचा अल्बम काढला तर तो तुफान लोकप्रिय होईल या शंका वाटत नाही.
  • Log in or register to post comments

हां, यही प्यार है!पडोसन अपनी

अरुण मनोहर
Mon, 05/23/2011 - 18:24 नवीन
हां, यही प्यार है! पडोसन अपनी मुर्गीको रखना संभाल, मेरा मुर्गा हुवां है दिवाना!
  • Log in or register to post comments

छान...

चिगो
Mon, 05/23/2011 - 16:33 नवीन
येकदम बोली मराठी-हिंदीची मिसळ..
  • Log in or register to post comments

यु शुड नो अबाउट युवर कॉक पाभे

टारझन
Mon, 05/23/2011 - 17:05 नवीन
यु शुड नो अबाउट युवर कॉक पाभे . हाऊ कॅन चाचा नो व्हाट हॅज हॅपन्ड टू युवर कॉक ? डिड यु गिव्ह युवर कॉक टु चाचा ? -
  • Log in or register to post comments

चाचा

आनंदयात्री
Wed, 05/25/2011 - 00:07 नवीन
आजकाल चाचा वर्ड लैच फेमस झालाय.
  • Log in or register to post comments
↩ प्रतिसाद: टारझन

मस्त .. विनोदाची झालर पण मस्त

गणेशा
Mon, 05/23/2011 - 19:36 नवीन
मस्त .. विनोदाची झालर पण मस्त आवडली कविता
  • Log in or register to post comments

राप्चीक काव्य

आत्मशून्य
Mon, 05/23/2011 - 23:37 नवीन
.
  • Log in or register to post comments

लेखन करा

लेखन करा

मिसळपाव वर स्वागत आहे.

प्रवेश करा

  • नवीन खाते बनवा
  • Reset your password
मिसळपाव.कॉम बद्दल
  • 1आम्ही कोण?
  • 2Disclaimer
  • 3Privacy Policy
नवीन सदस्यांकरीता
  • 1सदस्य व्हा
  • 2नेहमीचे प्रश्न व उत्तरे
लेखकांसाठी
  • 1लेखकांसाठी मार्गदर्शन उपलब्ध
  • 2लेखन मार्गदर्शन
संपर्क
  • 1सर्व मराठीप्रेमींचे मनापासून स्वागत!
  • 2अभिप्राय द्या
  • 3संपर्क साधा
© 2026 Misalpav.com  ·  Disclaimer  ·  Privacy Policy मराठी साहित्य व संस्कृतीसाठी  ·  प्रवेश  |  सदस्य व्हा