दुस-या फळीतील संगीतकार आणि त्यांची प्रसीध्द गाणी
(भाग-१)
(भाग-२)
(भाग-३)
(भाग-४)
(भाग- ५)
(भाग- ६)
(भाग-७)
या भागात २-५ चित्रपटांची कारकिर्द असलेल्या संगीतकारांना मागे ठेवुन यामधे सर्वात जास्त कारकिर्द असलेल्या संगीतकाराच्या कारकिर्दीचा आढावा घेउ.
अर्थशास्त्र आणि जर्नालिझम मधे M.A. असलेले व पाटण्यात करीत असलेली प्राध्यापकी सोडुन मुंबईला संगीताला वाहून घेण्यासाठी आलेल्या या कलंदराचे नाव होते "चित्रगुप्त". चित्रगुप्त श्रीवास्तव हे पुर्ण नाव.
काही काळ एस. एन. त्रीपाठी यांचे सहाय्यक म्हणून काम केल्यानंतर १९४६साली स्वतंत्र काम करण्याची संधी मिळाली. चित्रपटांना संगीत देताना शास्त्रीय संगीतापासुन पाश्चीमात्य संगीता पर्यन्त सगळ्यचा वापर केला. रोमँटीक युगलगीते ही खासीयत होती. तलत मेहमुदसारख्या गायकाकडुन आशाजींच्या बरोबर गायलेले "दो दिल धडक रहे है और आवाज एक है" असो वा मुकेश आणि लतादिदींनी गायलेले "देखो मौसम क्या बहार है" अथवा "तुमने हसी ही हसी में क्यू दिल चुराया जवाब दो" हे लतादिदीनी महेंद्र कपुर सोबत गायले गीत असो या युगलगितात रोमँटीसम दिसतो.
हिंदीत काम करीत असतानाच त्यांनी भोजपुरी सिनेमांनासुद्धा संगीत दिले. तीथे त्यांचा रूबाब राजासारखा होता. त्याच प्रमाणे काही पंजाबी आणि गुजराथी सिनेमांबरोबर A.V.M.ने तमीळमधे डब केलेल्या चित्रपटांनासुध्दा संगीत दिले.
चित्रपट- इन्साफ (१९५६)
दो दिल धड़क रहे हैं और आवाज़ एक है -२
तलत : नग़मे जुदा-जुदा हैं मगर साज़ एक है
(तलत मेहमुद व आशा भोसले)
चित्रपट- काली टोपी लाल रूमाल (१९५६)
लागी छूटे ना अब तो सनम
चाहे जाए जिया तेरी क़सम
लागी छूटे ना ..
(म.रफी व लता मंगेशकर)
दग़ा दग़ा वै वै वै
दग़ा दग़ा वै वै वै
हो गई तुमसे उल्फ़त हो गई
(लता मंगेशकर)
चित्रपट- भाभी (१९५७)
चल उड़ जा रे पंछी कि अब ये देश हुआ बेगाना
चल उड़ जा रे पंछी ...
(म.रफी)
चली-चली रे पतंग मेरी चली रे
चली बादलों के पार हो के डोर पे सवार
सारी दुनिया ये देख-देख जली रे
चली-चली रे पतंग ...
(म.रफी व लता मंगेशकर)
चित्रपट- गेस्ट हाउस (१९५९)
दिल को लाख सम्भाला जी फिर भी दिल मतवाला जी
कल तक मेरा था आज क्यों तेरा हो गया
(लता मंगेशकर)
चित्रपट- भारत (१९६०)
मुफ़्त हुए बदनाम, किसी पे हाय दिल को लगा के
जीना हुआ इल्जाम
किसी पे हाय दिल को लगा के
मुफ़्त हुए बदनाम
(मुकेश)
चित्रपट- चाँद मेरे आ जा (१९६०)
चाँद को देखो जी
मस्ती लुटाए जादू जगाए दिल में हमारे रे
चाँद ये कहता है
धरती की रानी, हँसती जवानी, दिन हैं तुम्हारे रे
(लता दिदींनी गायलेले अत्यंत सुमधुर गीत)
सजना सजना काहे भूल गए दिन प्यार के
सजना सजना मैं तो हार गई रे पुकारके
सजना हो ऽ ऽ
(लता दिदींनी गायलेले अत्यंत आर्त गीत)
चित्रपट- बडा आदमी (१९६१)
अखियन संग अखियाँ लागे आज
झूमे बार बार मेरे मन में प्यार
नित ऐस तो मौसम आये न
अखियन संग अखियाँ लागे आज
अखियन संग
(म. रफीसाहेबांनी यांनी गायलेले शास्त्रीय संगीतावर आधारीत असलेले अत्यंत सुमधुर गीत)
चित्रपट- ऑपेरा हाउस (१९६१)
बलमा माने ना
बैरी चुप न रहे
लागी मन की कहे
पा के अकेली मुझे
मोरी बहियाँ धरे
(लता मंगेशकर यांनी गायलेले शास्त्रीय संगीतावर आधारीत असलेले अत्यंत सुमधुर गीत)
देखो मौसम
क्या बहार है
सारा आलम
बेक़रार है
ऐसे में क्यूँ हम
दीवाने हो जाएं ना
(लता मंगेशकर व मुकेश यांचे पाश्चीमात्य संगीतावर आधारीत रोमँटीक गाणे)
चित्रपट- बेजुबान (१९६२)
दीवाने तुम दीवाने हम
किसे है ग़म क्या कहे ये ज़माना
वही है दिल वही हैं हम
मगर नज़र में नया है फ़साना
(लता मंगेशकर यांनी गायलेले अत्यंत सुमधुर गीत)
चित्रपट- मैं चूप रहूंगी(१९६२)
चाँद जाने कहाँ खो गया
तुमको चेहरे से पर्दा हटाना न था
चाँदनी को ये क्या हो गया
तुमको भी इस तरह मुस्कराना न था
(म.रफी व लतादिदींनी गायलेले सुंदर रोमँटीक गाणे)
कोई बता दे दिल है जहाँ
क्यों होता है दर्द वहाँ
तीर चला के ये तो न पूछो
दिल है कहाँ और दर्द कहाँ
(म.रफी व लतादिदींनी गायलेले सुंदर गाणे)
ख़ुश रहो अहल-ए-चमन हम तो चमन छोड़ चले
ख़ुश रहो अहल-ए-चमन
ख़ाक़ परदेस की छानेंगे वतन छोड़ चले
ख़ुश रहो अहल-ए-चमन ...
(म.रफी)
मेरे दिल कभी तो कोई आयेगा
हमदम जो तेरा बन जायेगा
(लतादिदीं)
चित्रपट- एक राझ (१९६३)
अगर सुन ले तो इक नगमा हुज़ूर-ए-यार लाया हूँ
वो कली चटकी कि दिल टूटा पर इक झंकार लाया हूँ
(किशोर कुमार)
पायल वाली देखना
यहीं पे कहीं दिल है
पग तले आये ना
((किशोर कुमार यांनी गायलेले शास्त्रीय संगीतावर आधारी एकमेव गाणे असावे)
उठेगी तुम्हारी नज़र धीरे धीरे
मुहब्बत करेगी असर धीरे धीरे
(लता मंगेशकर)
चित्रपट- गंगा की लेहरे (१९६४)
छेड़ो न मेरी ज़ुल्फ़ें सब लोग क्या कहेंगे
हमको दीवाना तुमको काली घटा कहेंगे
(किशोर कुमार व लतादिदींनी गायलेले सुंदर रोमँटीक गाणे)
मचलती हुई, हवा में छम छम
हमारे संग संग चलें गँगा की लहरें
(किशोर कुमार व लतादिदीं)
जय-जय हे जगदम्बे माता
द्वार तिहारे जो भी आता बिन माँगे सब-कुछ पा जाता
(लतादिदींनी गायलेले भक्तीरसपुर्ण गाणे)
चित्रपट- आकाशदिप (१९६५)
मुझे दर्द-ए-दिल का पता न था
मुझे आप किस लिये मिल गये?
मैं अकेले यूँ भी मज़े में था
मुझे आप किस लिये मिल गये?
(म.रफी)
दिल का दिया जला के गया,
ये कौन मेरी तन्हाई में
सोये नग़मे जाग उठे, होंठों की सेहनाई में
दिल का दिया ...
(लतादिदींनी गायलेले अत्यंत सुमधुर गीत)
चित्रपट- उंचे लोग (१९६५)
आजा रे मेरे प्यार के राही
राह निहारूँ बड़ी देर से, आजा ...
(महेन्द्र कपुर व लता मंगेशकर)
हाय रे तेरे चंचल नैनवा
कुछ बात करें रुक जाएँ
(लता मंगेशकर यांच्या आवाजातील अत्यंत सुमधुर गीत)
जाग दिल-ए-दीवाना रुत जागी वस्ल-ए-यार की
बसी हुई ज़ुल्फ़ में आयी है सबा प्यार की
(म.रफी)
चित्रपट- झबग (१९६७)
तेरी दुनिया से दूर, चले होके मजबूर, हमें याद रखना
जाओ कहीं भी सनम, तुम्हें इतनी क़सम, हमें याद रखना
(म.रफी व लता मंगेशकर)
चित्रपट- वासना (१९६८)
इतनी नाज़ुक ना बनो, हाय, इतनी नाज़ुक ना बनो
हदके अन्दर हो नज़ाकत तो अदा होती है
(म.रफी)
ये पर्बतों के दायरे ये शाम का धुआँ
ऐसे में क्यों न छेड़ दें दिलों की दास्ताँ
(म.रफी व लतादिदींचे नितांत सुंदर रोमँटीक गाणे)
चित्रगुप्त यांनी संगीतबध्द केलेल्या ४२ चित्रपटांची गाणी येथे ऐका/डाउनलोड करा)
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प्रतिक्रिया
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प्रतिक्रिया
मस्त लेखमाला. अशीच सुरु
आहे आहे.
वाहवा!
छान
चित्रगुप्तांवरील लेख त्रोटक
सविस्तर प्रतिसादासाठी धन्यवाद..
In reply to चित्रगुप्तांवरील लेख त्रोटक by प्रदीप
सुंदर प्रतिसाद,
In reply to चित्रगुप्तांवरील लेख त्रोटक by प्रदीप
मस्त!!!!!
चित्रगुप्त आपला लै आवडता संगीतकार!