दुस-या फळीतील संगीतकार आणि त्यांची प्रसीध्द गाणी (भाग-१)
दुस-या फळीतील संगीतकार आणि त्यांची प्रसीध्द गाणी (भाग-२)
संगीत दिग्दर्शक- एन. दत्ता.
एन. दत्ता उर्फ दत्ता नाईक हेसुध्दा दत्ताराम वाडकरांप्रमाणे मुळचे गोवेंकर. सचीन देव बर्मन यांचे सहाय्यक म्हणून अनेक वर्षे काम केले. त्याच बरोबर स्वतंत्र संगीतकार म्हणून अनेक अवीट गोडीची गाणी दिली.
राज खोसलांचा मिलाप (१९५५) या चित्रपटामधून स्वतंत्र संगीतकार म्हणून पदार्पण केले.
त्यांनी संगीतबध्द केलेली काही गाणी पुढील प्रमाणे.
चित्रपट- चंद्रकांता (१९५६)
मैं ने चाँद और सितारों की तमन्ना की थी
मुझको रातों की सियाही के सिवा कुछ न मिला
(म.रफी)
चित्रपट- साधना (१९५८)
औरत ने जनम दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा कुचला मसला, जब जी चाहा दुत्कार दिया .
(लता दिदींनी गाइलेले काळजाचे ठाव घेणार गाणे)
आज क्यों हम से पर्दा है, पर्दा है जी
आज क्यों हम से पर्दा है
(म.रफी, एस. बलबीर आणि कोरसने गाइलेली कव्वाली)
कहो जी तुम क्या-क्या - सुनो जी तुम क्या-क्या
कहो जी तुम क्या-क्या ख़रीदोगे
(लता मंगेशकर)
सँभल ऐ दिल
सँभल ऐ दिल तड़पने और तड़पाने से क्या होगा
जहाँ बसना नहीं मुमकिन वहाँ जाने से क्या होगा
(आशा भोसले व म. रफी यांचे युगलगीत)
चित्रपट- धूल का फूल (१९५९)
धड़कने लगे दिल के तारों की दुनिया
जो तुम मुस्कुरा दो
(आशा भोसले व महेन्द्र कपुर यांचे रोमँटीक युगलगीत)
कासे कहूँ मन की बात
हाँ कासे कहूँ मन की बात
बैरी बलमवा दुखिया कर गये सुख को ले गये साथ
कासे कहूँ मन की बात
(सुधा मलहोत्रा)
झुकती घटा गाती हवा सपने जगाए
नन्हा सा दिल मेरा मचल-मचल जाए
(आशा भोसले व महेन्द्र कपुर यांचे युगलगीत)
तेरे प्यार का आसरा चाहता हूँ
वफ़ा कर रहा हूँ वफ़ा चाहता हूँ
लता मंगेशकर व महेन्द्र कपुर यांचे युगलगीत)
चित्रपट- ११ हजार लडकीया (१९६२)
दिल की तमन्ना थी मस्ती में मंज़िल से भी दूर निकलते
अपना भी कोई साथी होता, हम भी बहकते चलते-चलते
(म.रफी)
चित्रपट- ब्लॅक कॅट (१९५९)
मैं तुम्ही से पूछती हूँ, मुझे तुम से प्यार क्यों है
कभी तुम दग़ा न दोगे, मुझे ऐतबार क्यों है
(लता मंगेशकर व म. रफी यांनी गाइलेले एक मधुर गीत)
चित्रपट- काला समंदर (१९६२)
मेरी तसवीर लेकर क्या करोगे तुम मेरी तसवीर लेकर
मेरी तसवीर लेकर क्या करोगे तुम मेरी तसवीर लेकर
मेरी तसवीर लेकर, दिल-ए-दिल जेएर लेकर
लुटी जागीर लेकर, जली तक़दीर लेकर
क्या करोगे क्या करोगे तुम मेरी तसवीर लेकर
मेरी तसवीर लेकर क्या करोगे तुम मेरी तसवीर लेकर
((आशा भोसले व म. रफी यांनी गाईलेली कव्वाली)
चित्रपट- चांदी की दिवार (१९६४)
अश्कों ने जो पाया है वो गीतों में दिया है
इस पर भी सुना है कि ज़माने को गिला है
(तलत मेहमुद)
चित्रपट- मीस्टर एक्स (१९५७)
लाल लाल गाल, जान के हैं लागु
हो, देख देख देख, दिल पे रहे काबु
होइ, चोर चोर चोर, भाग परदेसी बाबू
(पाश्चीमात्य संगीतावर आधारीत १९५७ साली प्रसीध्द झालेले, म. रफी यांनी गाईलेले गित)
वाचने
2526
प्रतिक्रिया
4
मिसळपाव
प्रतिक्रिया
तेरे प्यार का आसरा चाहता
धूल का फूल....!!
होय इंद्रा. मधुचंद्र' ला त्यांनीच संगीत दिले होते.
लिंक