| साहित्य प्रकार | शीर्षक | लेखक | प्रतिक्रिया |
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| जनातलं, मनातलं | उणीदुणी वाचा | घोडीवाले वैद्य | 2 |
| जनातलं, मनातलं | इच्छेच्या पाऊलवाटा | श्रीकृष्ण सामंत | 20 |
| जनातलं, मनातलं | जिवासवे जन्मे मृत्यू | शशिधर केळकर | 13 |
| जनातलं, मनातलं | लेखकांचे मानधन (लेखाचा दुवा) | लिखाळ | 17 |
| जनातलं, मनातलं | श्री ट्रॅफीक दुर्दैवाचे दशावतार | मूखदूर्बळ | 6 |
| जनातलं, मनातलं | अतिंद्रिय शक्ती | विनायक प्रभू | 84 |
| जनातलं, मनातलं | खास आवडीचे!!! | राघव | 16 |
| जनातलं, मनातलं | साठवणीतल्या आठवणी. | जयबाला परुळेकर | 20 |
| जनातलं, मनातलं | आजची मुक्ताफळे (Quote of The Day) | एकलव्य | 76 |
| जनातलं, मनातलं | गांधीजींची अहिंसा-उपयुक्तता आणि मर्यादा | चिन्या१९८५ | 61 |
| जनातलं, मनातलं | थापा - एक गोष्ट. | मॅन्ड्रेक | 4 |
| जनातलं, मनातलं | गोष्टीतली गोष्ट | मूखदूर्बळ | 0 |
| जनातलं, मनातलं | माझा बाप, डोक्याला ताप! | आपला अभिजित | 16 |
| जनातलं, मनातलं | प्रेम | डोम्बिवली फास्ट | 7 |
| जनातलं, मनातलं | ६४ कलेत पारंगत | अविनाशकुलकर्णी | 17 |
| जनातलं, मनातलं | बाप्पाला स्वेटर | दिपक | 101 |
| जनातलं, मनातलं | मनाच्या कुपीतले-समाजवाद, भांडवलवाद का ईश्वरवाद ? | विनायक पाचलग | 21 |
| जनातलं, मनातलं | लाखचं घर | अनामिक | 13 |
| जनातलं, मनातलं | फर्निचर | विनायक प्रभू | 20 |
| जनातलं, मनातलं | न्यू इअर रेझोल्यूशन (अर्थात तेरड्याचा रंग तीन दिवस)! | चतुरंग | 30 |
| जनातलं, मनातलं | प॑चमदा॑ना सलाम | डॉ.प्रसाद दाढे | 10 |
| जनातलं, मनातलं | राजे – १ | श्रावण मोडक | 11 |
| जनातलं, मनातलं | गाभ्रीचा पाऊस हा मराठी चित्रपट साता समुद्रा पलीकडे चालला | शनआत्तार | 6 |
| जनातलं, मनातलं | असाच एक सुंदर दिवस | मूखदूर्बळ | 7 |
| जनातलं, मनातलं | नाताळी बाजार | शाल्मली | 27 |
| जनातलं, मनातलं | देव पावला! | आपला अभिजित | 22 |
| जनातलं, मनातलं | मुड | शितल | 30 |
| जनातलं, मनातलं | हरीश्चंद्र्गड [१२-१४ डिसेंबर] | संताजी धनाजी | 10 |
| जनातलं, मनातलं | "मम मरण पाहिले मी, म्यां डोळा" | श्रीकृष्ण सामंत | 27 |
| जनातलं, मनातलं | मोबाईल निरक्षरांच्या दुनियेत! | आपला अभिजित | 28 |