| जनातलं, मनातलं |
सिनेमांतील लक्षात राहिलेली काही वाक्ये |
देवदत्त |
| कलादालन |
एक कहाणी (प्रेम) |
चिप्लुन्कर |
| राजकारण |
माझे पंतप्रधान[पदाच्या मुख्य इछुकां(भाग: ३/३)]वरील आक्षेप |
ऋषिकेश |
| राजकारण |
माझे पंतप्रधान[पदाच्या उमेदवारां(भाग: २/३)]वरील आक्षेप |
ऋषिकेश |
| जे न देखे रवी... |
अंतर -२ |
निनाव |
| राजकारण |
माझे [मावळत्या (भागः१/३)] पंतप्रधानांवरील आक्षेप |
ऋषिकेश |
| जनातलं, मनातलं |
एक ऐतिहासिक घटना: भाग ५: (नागरी) प्रशासक |
ऋषिकेश |
| जनातलं, मनातलं |
एक ऐतिहासिक घटना: भाग ४: (राजकीय) प्रशासक |
ऋषिकेश |
| जे न देखे रवी... |
पुन्हा रात्र (२) |
निनाव |
| जनातलं, मनातलं |
एक ऐतिहासिक घटना: भाग ३: निवडणुका आणि प्रतिनिधित्त्व |
ऋषिकेश |
| जे न देखे रवी... |
पुन्हा रात्र |
निनाव |
| जनातलं, मनातलं |
एक ऐतिहासिक घटना: भाग२ : आपले घटनादत्त अधिकार |
ऋषिकेश |
| भटकंती |
दास्तान ए हिंदुस्तान भाग ३( उदयपुरी मनोरम सूर्यास्त आणि भव्य रेणकपूर जैन मंदीर ) |
निनाद मुक्काम … |
| जनातलं, मनातलं |
एक ऐतिहासिक घटना: भाग१ : प्रस्तावना |
ऋषिकेश |
| भटकंती |
दास्तान ए हिंदुस्तान भाग २(पिचोलीया लेक, जग मंदिर पेलेस, जगदीश टेंपल , सहेली कि बाडी ) |
निनाद मुक्काम … |
| जे न देखे रवी... |
गोफ - २ |
ऋषिकेश |
| भटकंती |
दास्तान ए हिंदुस्तान भाग १ ( सिटी ऑफ लेक , द वेनिस ऑफ इस्ट ,उदयपूर ) |
निनाद मुक्काम … |
| जे न देखे रवी... |
गोफ |
ऋषिकेश |
| जनातलं, मनातलं |
जर्मन आख्यान भाग भाग १२ दुसेलडॉल्फ |
निनाद मुक्काम … |
| जनातलं, मनातलं |
पर्यावरण संवेदनशील इमारती/ शहरे (Environment sensitive buildings/ urban Development) (भाग २) : पाणी |
उल्लु |
| जनातलं, मनातलं |
पर्यावरण संवेदनशील इमारती/ शहरे (Environment sensitive buildings/ urban Development): गरज |
उल्लु |
| जनातलं, मनातलं |
जर्मन आख्यान भाग भाग १० |
निनाद मुक्काम … |
| जनातलं, मनातलं |
जर्मन आख्यान भाग भाग ९ |
निनाद मुक्काम … |
| जनातलं, मनातलं |
जर्मन आख्यान भाग भाग ८ |
निनाद मुक्काम … |
| जनातलं, मनातलं |
तमाशा : महाराष्ट्रातील एक रांगडा कलाप्रकार |
psajid |
| जनातलं, मनातलं |
जर्मन आख्यान भाग ७ |
निनाद मुक्काम … |
| जनातलं, मनातलं |
एका गारुड्याची गोष्ट १३: धामण: उंदराचा कर्दनकाळ ! |
जॅक डनियल्स |
| जनातलं, मनातलं |
जर्मन आख्यान भाग ६ सौनायन नमः |
निनाद मुक्काम … |
| जनातलं, मनातलं |
एका गारुड्याची गोष्ट १२: धामण: जुन्या ओळखीचा साप ! |
जॅक डनियल्स |
| जनातलं, मनातलं |
जर्मन आख्यान भाग ५ |
निनाद मुक्काम … |