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संवाद मनातले

लेखक मराठी कथालेखक यांनी बुधवार, 30/03/2016 16:06 या दिवशी प्रकाशित केले.
नमस्कार , हा एक निखळ मनोरंजक धागा उघडत आहे.
मेरे पास मा है
किंवा
कितने आदमी थे ?
असे अनेक अतिशय लोकप्रिय संवाद आपण अनेकदा ऐकलेत. पण काही संवाद (चित्रपट्/नाटक यातले) कदाचित इतके लोकप्रिय नसूनही आपल्या मनात घर करुन राहिले असतील. असे (हिंदी/मराठी वा हवे असल्यास इंग्लिश चित्रपट/नाटक यातील) आपल्या आवडीचे संवाद सदस्यांनी इथे टाकायचे (म्हणजे शेअर करायचे). याला अधिक रंगतदार बनवण्यासाठी हवे तर चित्रपटाचे नाव न सांगता इतर सदस्यांना ते ओळखण्याची संधी द्यावी व एक-दोन दिवसात कुणालाच ओळखता न आल्यास स्वतः ते नाव सांगावे हा संवाद तुम्हाला का आवडला, त्याविषयीच्या तुमच्या काही आठवणी असतील तर त्या पण सांगू शकता. इतर सदस्याना त्या संवादात काही शब्द अचूक नाही असे आढळल्यास त्यांनी प्रतिसादात ते सुधारण्यास मदत करावी.
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प्रतिक्रिया 133

प्रतिक्रिया

उदाहरणादाखल मी इथे एक संवाद टाकतो चित्रपट : (ओळखा पाहू)
ती : वही .. वही रहते हो आप ? तो : हं..वही.. वही शहर है , वही गली , वही घर.. सब ..कुछ.. सब कुछ तो वही नही है लेकिन है वही, उसी जगह
मला या संवादातली शाब्दिक कोटी, अभिनेत्याचा अभिनय, "मी जिथल्या तिथेच आहे पण तरी खूप काही बदललय" असा व्यक्त होणारा हताशपणा यासाठी हा संवाद आवडतो.

तेजा मय हू, मार्क इधर है ये तेजा तेजा क्या है ये तेजा तेजा गोगोजी आपका घागरा आणि अगणीत

हवा तेज चलता है दिनकरराव टोपी संभालो नही तो उड जायेगा. मेरे मनको भाया मैने कुत्त्ता काट खाया.

In reply to by विजुभाऊ

मां...मै फर्स्ट क्लास फर्स्ट आया हू मैने तुम्हारे लिये गाजर का हलवा बनाया है काश आज ये दिन देखने (तुम्हारे पिताजी / तुम्हारी मा) जिंदा होती मेरे पेट मे तुम्हारे प्यार की निशानी है भगवान के लिये मुझे छोड दो

In reply to by टवाळ कार्टा

आणखी काही राहिले कि हो... =))
  • पुलीस मेरे पीछे लागी हुई है
  • तुम मेरे लिये मर चुके हो..
  • बताओ हिरे कहा है?
  • इतने पैसे तुम कहा से लाये?
  • मै तुम्हारा एहसान जिंदगीभर नही भूलुंगा
  • अपने आदमियो से कहो कि बंदूके फेंक दे
  • येह मेरी मा के कंगण है.
  • खबरदार जो उसे हात भी लगाया
  • गंदी नाली के किडे
  • यहा तेरी इज्जत बचाने कोई नही आयेगा
  • हे भगवान मेरे सुहाग कि रक्षा करना
  • मार, मार इसे बेटे, इसने तेरे देवता जैसे पिता का खून किया है
  • मैने तुम्हे क्या समझा और तुम क्या निकले!
  • कानून को सबूत चाहिये
  • ये सरासर नाइंसाफी है
  • तुम्हारी मा हमारे कब्जे मे है
  • दुनिया कि कोई ताकत मुझे तुमसे जुदा नही कर सकती

In reply to by अमृता_जोशी

पुलीस ने तुम्हे चारों तरफ से घेर लिया है कानून के हाथ बडे लंबे होते है इन्हे दवा की नही दुवा की जरुरत है हालात ने इसे मुजरिम बना दिया सारे सबूत और बयान नजर रखते हुए अदालत तुम्हे (इथली गाळलेली जागा भरा...आत्ता आठवत नाहिये) तहत फांसी की सजा सुनाती है मै बेकसूर हू जज्ज साहब

हमे दुष्मनी भी सोच समझकर करनी चाहिये. क्योकी नफरत करते करते एक दिन हम भी वही बन जाते है जिनसे हम नफरत करते है.
शब्द थोडे वेगळेही असू शकतील पण अर्थ हा आहे. शत्रुपक्षातील महत्वाचा मोहरा फोडताना नायक हा संवाद बोलतो.

१. Why So Serious? २. See, madness, as you know, is like gravity: all it takes is a little push! ३. If you're good at something, never do it for free. ४. This is what happens when an unstoppable force meets an immovable object. ५. Whatever doesn't kill you simply makes you stranger. ६. Some men just want to watch the world burn. ७. Welcome to a world without rules.

नायक जीतेंद्र नायिका माहीत नाही पिक्चर माहीत नाही जीतेंद्र बरीच भंकस बडबड करत असतो. नायिका वैतागते. नायक नायिका अजून अपरिचित आहेत. नायिका चिडून बोलू जातेः देखिए मिस्टर जीतेंद्र लगेच हजरजबाबी उत्तर देतोः दिखाइये मॅडम

कॅरमबोर्ड तो तुम्हारे सामने होगा लेकीन स्ट्रायकर चलानेके लिये हथेलीपे उंगलीयां नही होगी .

Only don't tell me that you're innocent. Because it insults my intelligence and it makes me very angry. Now, who approached you first? Barzini or Tattaglia?

अच्छा बताओ, एक गोली में इंसान खतम हो जाता है ना ? - एक नहीं दो.. (दो इंसान) एक जा पे चले है, और एक जो चलात है..

In reply to by मराठी कथालेखक

त्यातीलच अजून, जहां से तुम मुझे लाए हो मैं वहां वापस जाना नहीं चाहती, जहां ले जाना चाहते हो वहां पहुंचना नहीं चाहती, मगर ये रास्ता, ये रास्ता बहुत अच्छा है, मैं चाहती हुं ये रास्ता कभी खतम ना हो कुत्ता कुत्ते की ही मौत मरेगा मैं जा चुकी हुं, अब मैं वापस नहीं आ सकती

In reply to by मराठी कथालेखक

ती विचारते एका गोळीत माणूस संपतो ना, तो म्हणतो, एका गोळीने एका वेळेस दोन माणसे मरतात, ज्याला गोळी लागलीय तो तर मरतोच, पण जो गोळी चालवतो त्याचेही एका अर्थी मरणच ते.

तू तो ईमानदारी की तोप है टून्ना, महात्मा गांधी है टून्ना, सरोजिनी नायडू है टून्ना....

कौन कहता है के तुम हार गये ? कौन कहता है के मै जीत गया ? क्या यही एक रिश्ता रह जाता है दो इन्सानों के बीच हार-जीत का ? नफरत का ?

हमारा हिंदोस्तान कोई तुम्हारा दिल नही.. कि एक लौंडी उसकी मल्लिका बने.. हमारा दिल भी कोई आपका हिंदुस्तान नही..जीसपर आप हुकुमत करे..

People say you always have to do the right thing. But the truth is sometimes, there is no right thing. And you just have to pick the sin you can live with

ज़िंदगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नहीं बाबू मोशाय. जब तक ज़िंदा हूं, मरा नहीं. जब मर गया, तो साला मैं ही नहीं. बाबू मोशाय.. ज़िंदगी और मौत ऊपरवाले के हाथ में है जहाँपनाह. उसे न आप बदल सकते हैं न मैं. हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियाँ हैं जिनकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों में बंधी है. कब कौन कैसे उठेगा ये कोई नहीं बता सकता है पैजारबुवा,