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पापा हिन्दि कविता

लेखक तृप्ति २३ यांनी मंगळवार, 21/07/2026 23:26 या दिवशी प्रकाशित केले.

पापा जो दिल की बात कभी कहते नहीं है
पापा जो मुश्किलों में भी कभी हारते नहीं है

पापा जो कभी किसी चीज के लिए ना कहते नहीं है
पापा कितने भी परेशान क्यों ना हो दिखाते नहीं है

यह तो पापा ही होते हैं जो खुद के लिए कभी जीते ही  नहीं है
यह तो पापा ही कर सकते हैं जो अपने घर को खुशियां दिए बिना कभी सोते नहीं हैं।

 

https://truptiskavita.com/papa-par-bhavuk-kavita/

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