Skip to main content
लेखक drsunilahirrao यांनी मंगळवार, 20/06/2017 10:27 या दिवशी प्रकाशित केले.
आखरी हथियार बाकी है (और मेरी हार बाकी है ) खत्म हो जाता नही सबकुछ और भी आसार बाकी है अब जरा इनसे निपटलूं मै मुश्किले दो चार बाकी है दुष्मनोंसे हो चुका मिलना अब तिरा दीदार बाकी है लूट भी लोगे तो क्या लोगे यह पुरा संसार बाकी है डॉ. सुनील अहिरराव (हिंदीतील पहिला प्रयत्न)
काव्यरस
लेखनविषय:

वाचने 1573
प्रतिक्रिया 2

प्रतिक्रिया

खत्म हो जाता नही सबकुछ और भी आसार बाकी है>>>सुंदर! अब जरा इनसे निपटलूं मै मुश्किले दो चार बाकी है>>>वाह् व्वा! दुष्मनोंसे हो चुका मिलना अब तिरा दीदार बाकी है>>>बढिया!