| साहित्य प्रकार | शीर्षक | लेखक | प्रतिक्रिया |
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| जनातलं, मनातलं | "किती सुंदर दिसतात हे फुलांचे ताटवे!" | श्रीकृष्ण सामंत | 8 |
| जनातलं, मनातलं | सांगू वडीलांची किर्ती. | हेमंत बर्वे | 4 |
| जनातलं, मनातलं | आम्ही आणी क्रेडिट कार्ड वाली कन्या !! | परिकथेतील राजकुमार | 33 |
| जनातलं, मनातलं | मराठी बाणा...! | विसोबा खेचर | 39 |
| जनातलं, मनातलं | मिसळपावचा सेवाप्रदाता... | सरपंच | 15 |
| जनातलं, मनातलं | दर्शन भारत मातेचे | भास्कर केन्डे | 56 |
| जनातलं, मनातलं | पहिला दक्षिण कॅलिफोर्निया मिसळपाव कट्टा - ८ नोव्हेंबर २००८ | नंदन | 48 |
| जनातलं, मनातलं | डी जे | विजुभाऊ | 21 |
| जनातलं, मनातलं | घागबुवा | व्यंकु | 2 |
| जनातलं, मनातलं | (.) | विजुभाऊ | 20 |
| जनातलं, मनातलं | आनंद मना! | मनोजवम् | 0 |
| जनातलं, मनातलं | दयाशील आणि परोपकारी हृदय | श्रीकृष्ण सामंत | 8 |
| जनातलं, मनातलं | तिकीट `कलेक्टर' | आपला अभिजित | 8 |
| जनातलं, मनातलं | मनात(च) पूजीन रायगडा! | आपला अभिजित | 9 |
| जनातलं, मनातलं | धिरडं (बालकथा) | शाल्मली | 33 |
| जनातलं, मनातलं | माझा फिरून- डोकं- वर काढणार्यांवर विश्वास होता. | श्रीकृष्ण सामंत | 5 |
| जनातलं, मनातलं | जाणिजे यज्ञकर्म..! | विसोबा खेचर | 74 |
| जनातलं, मनातलं | भाईकाकांना शुभेच्छा...! | विसोबा खेचर | 2 |
| जनातलं, मनातलं | . | बिपिन कार्यकर्ते | 80 |
| जनातलं, मनातलं | EMI - एकदा तरी बघाच | योगी९०० | 3 |
| जनातलं, मनातलं | कार्यरत राहिल्याने हिम्मत येते. | श्रीकृष्ण सामंत | 0 |
| जनातलं, मनातलं | को जागर्ती ! | चाफा | 5 |
| जनातलं, मनातलं | सुन्न करणारं "कोल्ह्याट्याचं पोर" | आनंदयात्री | 30 |
| जनातलं, मनातलं | सदू आणि दादू | मूखदूर्बळ | 5 |
| जनातलं, मनातलं | आप्पा आणि बाप्पा | मूखदूर्बळ | 7 |
| जनातलं, मनातलं | आप्पा आणि बाप्पा | मूखदूर्बळ | 0 |
| जनातलं, मनातलं | गदर संस्थापकाची १२४ वी जयंती | सर्वसाक्षी | 12 |
| जनातलं, मनातलं | "हलो"ह्या शब्दातली क्षमता. | श्रीकृष्ण सामंत | 2 |
| जनातलं, मनातलं | काटेकोरांटीची फुलं. | रामदास | 225 |
| जनातलं, मनातलं | प्रिय पंडितराज | व्यंकु | 16 |