| जनातलं, मनातलं |
त्यांची दिवाळी .. |
सस्नेह |
| जनातलं, मनातलं |
मला भावलेलं गाणं |
समीरसूर |
| जनातलं, मनातलं |
तुम्ही काय करता ? |
_मनश्री_ |
| जनातलं, मनातलं |
अंधार क्षण भाग १ - सामूहिक हत्या (लेख २) |
बोका-ए-आझम |
| जनातलं, मनातलं |
आर्क्टीक बाय नॉर्थवेस्ट - १५ (अंतिम) |
स्पार्टाकस |
| जनातलं, मनातलं |
ती गेली तेव्हा रिमझिम, पाऊस निनादत होता |
संजय क्षीरसागर |
| जनातलं, मनातलं |
चावडीवरच्या गप्पा - अफझलखानाचे सै(दै)न्य |
सोत्रि |
| जनातलं, मनातलं |
गम्मत (शतशब्दकथा) |
खेडूत |
| जनातलं, मनातलं |
मी, ग्रेस आणि १० रुपये |
शरद |
| जनातलं, मनातलं |
गुण की कौटुंबिक पार्श्वभूमी |
_मनश्री_ |
| जनातलं, मनातलं |
उकिरडा |
तुमचा अभिषेक |
| जनातलं, मनातलं |
वर्धमान ते महावीर - भाग ३ |
दशानन |
| जनातलं, मनातलं |
आर्क्टीक बाय नॉर्थवेस्ट - १४ |
स्पार्टाकस |
| जनातलं, मनातलं |
स्वयंभू (संपूर्ण कथा) |
बोबो |
| जनातलं, मनातलं |
इमानदार माणूस आणि त्याचा झाडू |
विवेकपटाईत |
| जनातलं, मनातलं |
अंधार-क्षण - उपोद्घात (लेख १) |
बोका-ए-आझम |
| जनातलं, मनातलं |
आर्क्टीक बाय नॉर्थवेस्ट - १३ |
स्पार्टाकस |
| जनातलं, मनातलं |
जिओ मिपा! ....अर्थात्, जियो मिपा! |
बहुगुणी |
| जनातलं, मनातलं |
ऑक्टोबर मध्ये होणारे ३ कट्टे..... |
मुक्त विहारि |
| जनातलं, मनातलं |
ओम भवती भिक्षांदेही |
मुक्त विहारि |
| जनातलं, मनातलं |
आर्क्टीक बाय नॉर्थवेस्ट - १२ |
स्पार्टाकस |
| जनातलं, मनातलं |
माझ ब्राम्हण असण |
पिंपातला उंदीर |
| जनातलं, मनातलं |
अश्वत्थामा-2 |
निलरंजन |
| जनातलं, मनातलं |
देणाऱ्याने देत जावे..... |
_मनश्री_ |
| जनातलं, मनातलं |
अवजारांप्रति कृतज्ञता |
जागु |
| जनातलं, मनातलं |
आर्क्टीक बाय नॉर्थवेस्ट - ११ |
स्पार्टाकस |
| जनातलं, मनातलं |
अश्वत्थामा |
निलरंजन |
| जनातलं, मनातलं |
डॉ. झाकिर नाईक - माझी प्रतिक्रिया |
उगा काहितरीच |
| जनातलं, मनातलं |
आर्क्टीक बाय नॉर्थवेस्ट - १० |
स्पार्टाकस |
| जनातलं, मनातलं |
बँग बँग |
श्रीरंग |