| जे न देखे रवी... |
प्राक्तनवेळा |
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| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - जळू |
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| जनातलं, मनातलं |
रत्नाकर मतकरी : अॅडम - नव्या आवृत्तीच्या निमित्ताने |
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| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - शून्य मी.. अनंत मी |
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| जे न देखे रवी... |
हसण्या उसंत नाही |
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| भटकंती |
मुंबई ते कन्याकुमारी सायकल सफर (दिवस सहावा) ३०.१०.२०१९ दावनगिरी ते सिरा |
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| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - बरसती धारा |
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| जे न देखे रवी... |
उप्पीट मात्र बरे झाले |
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| जे न देखे रवी... |
कोरोना |
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| स्पर्धा |
[कविता' २०२०] - भुंगा |
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